बड़ी खबर – तो क्या अब बंद हो जाएंगे दो हजार के नोट !

दिल्ली: आरबीआई द्वारा 2000 के नोटों को धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर किया जा रहा है। जिसके लिए आरबीआई ने पिछले दो वित्तीय वर्षों से दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया है। यही कारण है कि वर्तमान में बाजार में 2000 के नोट काफी कम दिखाई दे रहे हैं।
दो वर्ष पूर्व तक देश में प्रचलन में आये नोटों में 3.27 फीसदी नोट दो हजार के थे। अब यह आंकड़ा घट कर 2.01 फीसदी रह गया है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि 2018 में दो हजार के 336.2 करोड़ नोट प्रचलन में थे। वर्तमान में घटकर 249.9 करोड़ ही रह गए हैं। जिस हिसाब से 2018 में दो हजार के नोटों की संख्या 37.26 फीसदी था। लेकिन अब घटकर 17.78 फीसदी ही रह गया है। वित्त राज्य मंत्री ने बताया है कि 2019-20 व 2020-21 में दो हजार के नोटों की प्रिंटिंग नहीं करवाई गई है। 

नोटबंदी के बाद बनाए थे दो हजार के नोट
दिल्ली: 2016 में नोटबंदी के समय सरकार ने 500 और एक हजार रुपये के नोटों को बन्द कर दिया था। जिसके बाद एक हजार व पांच सौ के नए नोट प्रचलन में लाये गए। नोटबंदी के समय सरकार का कहना था कि बड़े नोटों से काला धन एकत्र किया जा रहा है। जिसके बाद विपक्ष ने 2000 के नोटों के प्रचलन पर सवाल उठाए थे। जिसके बाद ही सरकार द्वारा 2000 के नोटों को प्रचलन से बाहर करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि 2000 के जो नोट बैंकों में आते हैं। उन्हें वापस बाजार में भेजने के बजाय आरबीआई के पास भेज दिया जाता है। इसके अलावा आरबीआई ने 2000 के नए नोटों को छापना भी बंद कर दिया है। आंकड़ो के अनुसार 2016-17 में दो हजार रुपये के 354.3 करोड़ नोट छापे गए थे। 2017-18 में 11.5 करोड़ और इससे अगले वित्त वर्ष में सिर्फ 4.67 करोड़ नोट ही छापे गए थे।

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