रोज डे 07 फरवरी 2021 : वेलेंटाइन वीक का पहला दिन, जानें इसका महत्व

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रोज डे (Rose Day) वेलेंटाइन वीक (Valentine Week) का पहला दिन होता है। जो वेलेंटाइन वीक की शुरुआत हर साल 7 फरवरी यानि रोज डे से होती है। इस दिन लवर एक दूसरे को रोज देकर अपने मोहब्बत का इजहार करते हैं। महंगे गिफ्ट और मेटेरियलिस्टिक चीजें तो हर कोई देता है लेकिन अगर आप गुलाब देकर अपने प्यार का इजहार करते हैं तो उसकी बात ही अलग होती है।

हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां हम कई रिश्तों से जुड़े हुए हैं। रोज डे हमे मौका देता है कि हम अपनी लवर, भाई\बहन या दोस्त को रोज देकर इस रिश्ते में ताजगी भर सकते हैं। गुलाब के फूल आपको अनेक रंगों में मिल जाएंगे जिनका अलग-अलग महत्व भी होता है।

प्यार का प्रतीक है  गुलाब 

रेड रोज एक पुरुष का दूसरी महिला या एक महिला का दूसरे पुरुष के प्रति प्यार को दर्शाता है। पीला गुलाब दोस्ती का प्रतीक है। गुलाबी रोज को दया और सज्जनता का प्रतीक है। तो बस इसलिए कहा जा सकता है कि रोज डे वेलेंटाइन वीक का बड़ा ही अनूठा दिन है। इसे सेलिब्रेट करने का दायरा बड़ा ही व्यापक है और यही इसे खास बनाता है।

रोज डे क्यों मनाते हैं

रोज डे क्यों मनाते हैं इसके पीछे कई तरह की कहानी है। पहली कहानी के मुताबिक महारानी विक्टोरिया के समय में लोगों ने अपनी न बताई जाने वाली फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने के लिए गुलाब के फूल के आदान-प्रदान करने की परंपरा की शुरुआत की। जिसमें लाल गुलाब प्यार और जुनून का प्रतीक माना गया। इसके अलावा अन्य रंगों के गुलाब के अलग-अलग अर्थ होते हैं।

रोज डे मनाने की प्रथा की शुरूआत

दूसरी कहानी के मुताबिक अंग्रेजी के चार अक्षरों यानि रोज को अलग तरह से व्यवस्थित करने पर ‘EROS’ शब्द बनता है जो प्रेम के देवता का नाम है। ग्रीक के लोगों का मानना है कि प्रेम की देवी वीनस (Venus) का भी पसंदीदा फूल गुलाब था। इसलिए रोज डे मनाने की प्रथा की शुरूआत हुई। इसके अलावा तीसरी कहानी के मुताबिक कुछ लोग मानते हैं कि मुगल काल की रानी नूरजहां को लाल गुलाब बेहद पसंद था और उसे खुश करने के लिए बादशाह जहांगीर रोजाना ताजे गुलाब महल में भेजवाता था। तभी से गुलाब की प्रासंगिकता बढ़ गयी।

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