एक तरफ देश में बेरोजगारी चरम पर है, वहीं इसी का फायदा उठाकर नौकरी के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। डूंगरपुर के युवक से कुवैत में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी करने का मामला सामने आया है। ठग पीड़ति को अकाउंटेंट की नौकरी दिलाने और मोटी कमाई होने का झांसा देकर कुवैत ले गया। जहां उसे 100 दीनार में झाड़ू-पोछा करने के काम में लगा दिया गया।

नौकरी करने गया युवक जैसे-तैसे वापस घर लौटा
बता दें कि जब पीड़ित ने झाड़ू-पोछ का काम से मना किया तो उसका पासपोर्ट छीन लिया और काम नहीं करने पर फंसाने की धमकी दी। इसके बाद वह जैसे-तैसे वापस घर लौटा। पीड़ित युवक ने घर आकर सबसे पहले पुलिस के पास पहुंचा और कोतवाली थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे शुरू हुई फर्जीवाड़े की कहानी
एएसआई अमृतलाल ने बताया कि मोहम्मद आकिब पुत्र हाफिज खान निवासी सीमलवाड़ा पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह 2017 में बीकॉम की डिग्री पूरी करने के बाद वह नौकरी की तलाश कर रहा था। इस दौरान उसे फरहान मकरानी पुत्र फैयाज मकरानी मिला और उसे कुवैत की एक कंपनी में अकाउंटेंट की नौकरी दिलाने की बात कही। दलाल ने उसे 250 दीनार (करीब 62 हजार रुपए) की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए फरहान ने उससे 3 लाख 28 हजार रुपए और पासपोर्ट ले लिया।
कुवैत जाकर युवक करने लगा झाड़ू-पोछे का काम
मोहम्मद आकिब ने रिपोर्ट में बताया कि फरवरी 2019 में उसके मामा मकबूल खान की मौजूदगी में फरहान को 3 लाख 28 हजार रुपए और पासपोर्ट दे दिया, लेकिन फरहान ने वीजा के लिए आवेदन नहीं किया। जब उसने फरहान से रुपए वापस मांगे तो उसने एक कंपनी का वीजा भेजा, जिसमें अकाउंटेंट की नौकरी का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन आरोपी फरहान उसे अकाउंटेंट की नौकरी होने की बात कहता रहा। 14 दिसंबर 2019 को फरहान उसे कुवैत लेकर गया, जहां 100 दीनार में झाड़ू-पोछे के काम पर लगा दिया। काम से मना करने पर उसने पासपोर्ट छीन लिया और फंसाने की धमकी दी। डर के कारण वह काम करता रहा। इसके बाद अपने मिलने वालों से सहयोग लेकर अपने घर लौटा। एएसआई ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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