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जहरीली घास खाने से पागल हुई भैंस ने मालिक को उतारा मौत के घाट, चरवाहे भी नहीं बचा पाए जान

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चंदौली जिले में भैंस को जंगल में चराने ले गए एक पशुपालक को भैंस ने पटक-पटक कर मार दिया। बताया जा रहा है कि जंगल में जहरीली घास खाने के बाद भैंस पागल हो गई थी। आक्रामक भैंस ने पशुपालक को अपनी सींग से उठाकर कई बार पटक दिया। परिजन पशुपालक को अस्पताल में ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना से पशुपालक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके के देवखत गांव के रहने वाले 55 वर्षीय भगवान दास पुत्र बेचू अपनी भैंस चराने के लिए बुधवार को चिरवाटांड़ जंगल में गए थे। जंगल में उनके साथ अन्य चरवाहे भी अपने पशुओं को लेकर गए थे। दोपहर में उनकी भैंस एकाएक आक्रामक हो गई।

भगवान दास पर ही कर दी हमला

आक्रामक भैंस पहले अन्य पशुओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारने लगी। यह देख कर भगवान दास भैंस को अन्य पशुओं के पास से दूर हटाने के लिए गए। इस दौरान आक्रामक भैंस भगवान दास के ऊपर ही हमला बोल दी। भगवानदास कुछ समझ पाते तब तक भैंस ने अपनी सींग से उठाकर उनको पटक दिया।

शोर सुनकर पहुंचे आसपास के चरवाहे

जंगल में अपने पशुओं को चरा रहे अन्य चरवाहे जब भगवान दास की आवाज सुने तो लोग दौड़कर उनकी तरफ भागे। चरवाहों ने लाठी-डंडे से डराते धमकाते हुए भैंस को वहां से किसी तरह दूर भगाया। हालांकि तब तक भगवानदास बुरी तरह घायल हो चुके थे। उसके बाद पशुपालकों ने उनके घर वालों को सूचना दिया।

मोटरसाइकिल से ही लेकर पहुंचे सीएचसी

मौके पर पहुंचे भगवान दास के परिवार के लोग उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों ने जांच करने के बाद उन को मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही पशुपालक के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष दीनदयाल पांडेय ने पशुपालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जंगली घास खाकर बौरा गई थी भैंस

पशुपालकों ने बताया कि कभी-कभी ऐसा होता है कि जंगल में कोई ऐसी घास होती है जिसे खाने के बाद पशु बौरा जाते हैं। पागल हो जाने पर पशु आक्रामक हो जाते हैं और किसी दूसरे पशु और व्यक्ति को देखने के बाद उन्हें मारने के लिए दौड़ा लेते हैं। लोगों ने कहा कि वह भैंस भी किसी ऐसे जंगली घास को ही खा ली थी जिसके चलते आक्रामक होकर उसने भगवानदास की जान ले ली।

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