उत्तराखंड में रोहिंग्या मुसलमानों के घुसपैठ का खुफिया विभाग ने इनपुट दिया है। इसी आधार पर प्रदेश में पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाया हुआ है। पुलिस सत्यापन अभियान दस दिन तक चलेगा। इस बीच नैनीताल और अल्मोड़ा से बड़ी खबरें हैं।

पहले नैनीताल की बात कर लेते हैं। यहां 21 मार्च को तल्लीताल इलाके में पश्चिम बंगाल के 3 संदिग्ध परिवार मिले। खास बात ये है कि इन लोगों का मकान मालिकों द्वारा वैरिफिकेशन भी नहीं करवाया गया था। पुलिस ने इन परिवारों की जांच शुरू कर दी है। बिना वैरिफिकेशन किराएदार रखने पर मकान मालिकों के खिलाफ 10-10 हजार का चालान किया है। नैनीताल में सीओ संदीप नेगी के नेतृत्व में सत्यापन अभियान चलाया गया।
नैनीताल में सीओ संदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस और एलआइयू टीम सत्यापन कर रही है। गुरुवार को तल्लीताल थाना और मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान कोतवाली पुलिस ने 51 लोगों के सत्यापन किये।
वहीं, तल्लीताल पुलिस ने हरीनगर बूचड़खाना क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया। यहां पर पुलिस को पश्चिम बंगाल के तीन परिवार बिना सत्यापन के रहते मिले।
एसओ रोहिताश सिंह सागर ने बताया कि बिना सत्यापन किराएदार रखने पर तल्लीताल निवासी अब्दुल वहाब और मोहम्मद असगर के खिलाफ 10-10 हजार की चालानी कार्रवाई की गई है। साथ ही पश्चिमी बंगाल के परिवारों से पूछताछ की जा रही है।
अल्मोड़ा में बाहरी लोगों के वैरिफिकेशन को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। यहां बिना सत्यापन के रह रहे बाहर के 8 लोगों का पुलिस ने चालान काटा। फेरी लगाने वाले बाहरी व्यक्ति मुजाहिद और नवाब यहांबिना सत्यापन के रह रहे थे। उधर भतरौंजखान में नसीम मंसूरी, सोनू सैनी और जावेद के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया है। आपको बता दें कि खुफिया विभाग ने उत्तराखंड में रोहिंग्या की घुसपैठ का इनपुट दिया था। इनपुट में ये भी था कि नेपाल सीमा पर भारी मात्रा में गैर समुदाय के लोगों को योजना के तहत बसाए जाने से डेमोग्राफिक बदलाव भी आ गया है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस अलर्ट है।
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