हिमालय प्रहरी

बारात में लड़का-लड़की कर रहे थे डांस, फि‍र हुआ कुछ ऐसा कि सभी रह गए सन्‍न

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भागलपुर में एक शादी समारोह में लड़का-लड़की डांस कर रहे थे। बारात घर से निकली थी। कुछ महिलाओं के साथ लड़कियां डीजे की धून पर नांच रहीं थी। कुछ लड़के भी साथ दे रहे थे। इसी दौरान कुछ और लड़के वहां पहुंचे, जो बारातियों का हिस्‍सा नहीं थे। वह भी महिलाओं और लड़कियों के साथ नांचने लगे। तभी कुछ लोगों की नजर उसपर पड़ी कि बारात में जो डांस कर रहा है, वह तो बाराती है ही नहीं। इसके बाद विवाद काफी बढ़ गया

जानकारी के अनुसार, इशाकचक थानाक्षेत्र के विषहरी स्थान रोड में मंगलवार की रात दस बजे बारात में महिलाओं के बीच दूसरे मुहल्ले के लड़कों के डांस करने पर बवाल मच गया। देखते ही देखते दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

जीतन तांती के बेटे विकास उर्फ गज्जो तांती की बारात इशाकचक से कुतुबगंज के लिए निकल रही थी। मोहल्ले से निकल कर बारात सड़क पर पहुंची ही थी कि डांस कर रही महिलाओं के बीच बी-टोला के एक समुदाय विशेष के लड़के डांस करने घुस गए। लड़के महिलाओं के बीच में घुस कर डांस करने लगे। जिसका बारात में चल रहे लड़कों ने विरोध किया और उन्हें जबरन निकाल बाहर कर दिया। आरोप है कि उससे गुस्साए बी-टोला के लड़कों के पक्ष में उस टोले के अन्य लोगों ने पथराव कर दिया। बारात में चल रहे डीजे गाड़ी को भी निशाना बनाया गया। जवाब में बारात पक्ष से भी पथराव किया गया। दोनों पक्ष से करीब एक दर्जन लोग पथराव में जख्मी हुए हैं।

जानकारी मिलते ही एसएसपी बाबूराम ने सिटी एएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को घटना स्थल पर भेजा। पुलिस बल ने घटना स्थल पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के पहुंचने पर विषहरी टोला के लोगों ने मोहल्ले के लड़के की जा रही बारात को फिर से सजाया। भाग चुके डीजे गाड़ी वाले को बुलाया और बारात को कुतुबगंज के लिए रवाना कराया।

इशाकचक पुलिस के समक्ष आमने-सामने बैठे दोनों पक्ष, कहा नहीं करना केस

इशाकचक थानाक्षेत्र के विषहरी स्थान रोड में मंगलवार की रात दस बजे बारात में महिलाओं के बीच दूसरे मोहल्ले के लड़कों के डांस करने पर हुए बवाल और पथराव के दूसरे दिन बुधवार को दोनों पक्षों के लोगों को आमने-सामने बैठा सीधा संवाद कराया गया। इशाकचक इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने शांति समिति और स्थानीय प्रबुद्ध लोगों की पहल के बाद दोनों पक्षों को एक साथ बैठाया। उनका गिला-शिकवा दूर होते ही दोनों पक्षों में किसी ने केस दर्ज कराना नहीं चाहा। उनका कहना था कि बच्चों के बीच कहासुनी मारपीट और पथराव में बदल गई थी।

पथराव में किसी पक्ष से बड़े शामिल नहीं हुए थे बल्कि शांति कायम रखने की समय रहते पहल भी शुरू कर दी थी। पुलिस के वरीय अधिकारियों ने इलाके में एहतियाती तौर पर पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति को हालांकि यथावत ही रखा है। लोगों की आवाजाही सामान्य होने लगी है। बी-टोला और इशाकचक लालूचक के लोगों की दिनचर्या बुधवार को सामान्य दिखी।

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