हिमालय प्रहरी

बिल्ली रास्ता काटे तो रुक जाएं! यह कोई अंधविश्वास नहीं है! असली कारण जानकर हैरान हो जाएंगे।

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समाज में विभिन्न प्रकार के अंधविश्वास और रुढ़ियाँ प्रचलित हैं। इनमें से एक है, बिल्ली का रास्ता काटना। मान लीजिए आप कहीं जा रहे हैं, उसी समय रास्ते में एक बिल्ली आ जाती है। बस, उस समय रास्ता पार करना बेहद अशुभ माना जाता है।

कुछ लोग इस अशुभता को दूर करने के लिए रास्ते में थूक कर आगे बढ़ जाते हैं।

यह विश्वास एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में लोगों के मन में घर कर चुका है। विशेष रूप से काले बिल्ली का रास्ता काटना तो कुछ लोगों के लिए अत्यधिक अशुभ माना जाता है।

लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि इस विश्वास के पीछे क्या कारण हो सकता है? क्या सच में बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है? आइए जानें…

कई साल पहले हमारे देश में बैल गाड़ी चलती थी। यह गाड़ी यात्रा करने का एक अहम साधन थी। माना जाता था कि यदि बैल गाड़ी के सामने से बिल्ली गुजर जाए, तो बैल घबराकर बेचैन हो जाते थे। इस कारण गाड़ी के चालक को गाड़ी कुछ समय के लिए रोकनी पड़ती थी। यही परंपरा बाद में अंधविश्वास में बदल गई, और तब से यह मान्यता बन गई कि किसी भी गाड़ी के सामने से काली बिल्ली गुज़रने पर गाड़ी रोक दी जाती है।

लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं है, और भी कारण हैं। बिल्ली जैसे छोटे जानवर अक्सर बड़े जानवरों या इंसानों से डरकर भागते हैं। इस कारण वे एक जगह से दूसरी जगह कूदते-फांदते रहते हैं। अगर बिल्ली रास्ता पार करती है और थोड़ी देर रुक जाए, तो यह संभावना कम हो जाती है कि कोई जानवर या इंसान उस बिल्ली से टकरा जाए। इसी कारण से यह आदत बन गई कि जब बिल्ली रास्ता पार करती है, तो रुक कर थोड़ा इंतजार करें।

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