बिहार के सारण जिला में जहरीली शराब का कहर अब तक नहीं थमा है। पिचले हफ्ते से अबतक 74 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच मढ़ौरा से एक ऐसे परिवार की कहानी सामने आई है, जहां शराब की तस्करी में संलिप्त एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के लालापुर में रहने वाले मृतकों में दो चाचा व एक भतीजा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पहले भतीजा की मौत हुई। उसके गम में दोनों चाचा ने भी शराब पी ली, जिससे उनकी भी मौत हो गई। मृतकों में विक्की महतो, उनके चाचा रमेश महतो व राजेन्द्र महतो शामिल हैं। वहीं, एक सदस्य को पुलिस शराब तस्करी के मामले में खोज रही है।
जानकारी के अनुसार, इस परिवार के लोग शराब की खरीद-बिक्री का अवैध काम कर रहे थे। ग्रामीणों में चर्चा है कि उक्त परिवार का बुधन महतो शराब का कारोबारी है। उस पर स्थानीय थाना में कई केस दर्ज है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पूर्व में छापामारी किया, लेकिन वह हाथ नहीं चढ़ा। स्वजनों पर जब पुलिस दबाव बनाने लगी तो बुधन महतो घर से सिलीगुड़ी फरार हो गया। उसके जाने के बाद हुस्सेपुर गनौर निवासी उमेश राय और विक्की महतो पार्टनर बन गए और मिलकर शराब की बिक्री करने लगे थे। वहीं, विक्की के चाचा रमेश महतो व राजेन्द्र महतो उर्फ रंगीला महतो दोनों को सहयोग करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस घर ही महिलाएं भी शराब बिक्री में पुरुषों की मदद करती हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले विक्की महतो अपने पार्टनर उमेश राय के साथ शराब की खेप लाने के लिए मशरक गया था। वहां पर उन्होंने देसी शराब को टेस्ट करने के लिए शराब पी लिया था। फिर शराब साथ लेकर आ गये। घर आने के बाद दोनों की मौत हो गयी। विक्की की मौत के बाद उसके चाचा रमेश महतो व राजेन्द्र महतो ने उसके शव को घर के पास स्थित श्मशान में जला दिया।
फिर भतीजे की मौत के गम में दोनों ने और लोगों के साथ मिलकर शराब का सेवन किया। उसके बाद दोनों की मौत हो गई। दोनों के साथ जितने लोगों ने भी शराब का सेवन किया था, सबकी हालत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल भेजा गया। सोमवार को सभी के स्वास्थ्य में सुधार की जानकारी प्राप्त हुई।
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