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महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के आसमान में दिखा रहस्यमयी नजारा, आकाश को चीरती हुई निकली रोशनी

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मध्यप्रदेश के मालवा और निमाड़ के अलावा महाराष्ट्र के नागपुर,अमरावती सहित राज्य के कई हिस्सों में शनिवार रात आसमान में एक अनूठा नजारा देखने को मिला। आसमान में रॉकेटनमा रहस्यमयी रोशनी देखी गई जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इस वीडियों को देखने से ऐसा लग रहा है कि जैसे ये कोई उल्कापिंड हो। इस रोशनी को लेकर सभी लोग अलग-अलग कयास लगा रहे हैं।

अचानक से दिखी रोशनी

इस रोशनी को देखने वालों की मानें तो उन्हें जमीन की तरफ तेज रफ्तार से रोशनी आते हुए दिखी। एमपी में सबसे पहले इस रोशनी को धार में देखा गया जिसके बाद बड़वानी और खंडवा में भी ये चमकती हुई चीज नजर आई। उल्कापिंड जब धरती पर गिरते हैं तो इनकी चमक इतनी ज्यादा होती है कि 200 से 300 किलोमीटर के दायरे के लोग भी आसमान में इसे देखा जा सकता है। छोटे-छोटे उल्कापिंड की उम्र 100 साल या उसके आसपास होती है ये सौर मंडल में चक्कर लगाते हुए किसी भी ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश कर सकते हैं।

चीनी रॉकेट?

वहीं खगोलविद जोनाथन मैकडॉवेल ने अनुमान लगाया कि महाराष्ट्र में देखी गई खगोलीय घटना वास्तव में “चीनी रॉकेट चरण का पुन: प्रवेश” थी जिसे फरवरी 2021 में लॉन्च किया गया था। स्काईवॉच ग्रुप, नागपुर के अध्यक्ष सुरेश चोपडे ने कहा कि शाम को महाराष्ट्र में कई लोगों ने एक दुर्लभ घटना देखी और उन्होंने इसके वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। चोपडे ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से अंतरिक्ष से संबंधित घटनाओं को देख रहे हैं और ऐसा लगता है कि यह घटना किसी उपग्रह से संबंधित थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि किसी देश का उपग्रह गलती से गिर गया होगा या जानबूझकर गिरा होगा। यह उल्का बौछार या आग का गोला नहीं लगता है।’

येओला के तहसीलदार प्रमोद हिले ने कहा कि रात करीब आठ बजे आसमान में एक उल्कापिंड दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा, ‘मैंने इसे खुद देखा था। इसे चार भागों में विभाजित किया गया था। कोई नुकसान नहीं हुआ है और डरने की कोई बात नहीं है।’

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