न माचिस न बिजली तार। न कोई ज्वलनशील पदार्थ। फिर भी आग दर आग। आग कभी गिट्टी भरे बोरे में तो कभी लोहे के बक्शे के भीतर या गेहूं के बोरे में। महज तीन घरों में चौंकाने वाली आग की पांच दिनों से हो रही घटना ने उत्तर प्रदेश के अगिशमन विभाग को हिलाकर रख दिया है। यहां तक कि फायर बिग्रेड ने चौबीस दमकल गाड़ी व कर्मचारी तैनात कर दिये हैं।
अगिशमन विभाग के मुख्य अगिशमन शमन अधिकारी विजय कुमार आनंद आग की हैरान करने वाली घटना पर वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों से राय लेने में जुटे हैं। वजह है कासगंज जिले के सोरों ब्लॉक के गांव रायपुर के तीनों घरों के भीतर पांच दिनों में आग जलने की करीब 100 बार हुई घटना। गांव के रुपकिशोर और उनके दो भाइयों के घरों में दो अप्रैल से घरों में रखा सामान आग से जलने लगता है।
घरों में पलंग बैड,विस्तर, कपड़े, अनाज की बोरे, आटे के बोरे, दीवार के कलेंडर, अलमारी, तखत और यहां तक कि गिट्टी भरे बोरे तक में से आग जलने लगी। तीनों भाई और महिला, बच्चे बार-बार आग बुझाते थक गये। आग से डरे परिजनों ने घर के सामान को बाहर रख दिया। इसके बाद भी आग काबू में नहीं आई। पूरे गांव की निगाह टिक गई। भयभीत लोगों ने इसकी सूचना अगिशमन विभाग को दे दी। जिस पर फौरन टीम गांव में पहुंच गई।
हालत तब और अजीब हो गई जब दमकल कर्मियों व लेखपाल के सामने भी आग जलने लगी। इस पर सूचना सीएफओ को दी गई। सीएफओ विजय कुमार आनंद भी मौके पर चौंक पड़े। आगे कोई अनहोनी न हो।इसे ध्यान में रखकर सीएफओ ने एक फायर बिग्रेड गाड़ी और स्टाफ चौबीस घंटे घरों पर तैनात कर दी।
देवी की पूजा, कीर्तन हुआ तब मिली राहत
घर के सदस्यों ने बताया कि, आग जलने से दहशत में आ गए हैं। इस पर रात भर घर की महिलाओं ने देवी माता की पूजा अर्चना और ढोलक, मजीरे से कीर्तन किया तब रात से गुरुवार दोपहर तक कुछ राहत मिलती दिख रही है।
वैज्ञानिकों से ले रहे राय
आग की घटनाओं को लेकर को लेकर कोई नतीजे पर नहीं पहुंचपाने पर कासगंज के सीएफओ अलीगढ़ एएमयू समेत कई संस्थान के विशेषज्ञ से राय ले रहे हैं।
हाथरस से भी मांगी रिपोर्ट
कासगंजः हाथरस के किसी गांव में इर तरह की आग की घटनाएं होने की जानकारी मिली है। जिस पर सीएफओ कासगंज ने हाथरस के विभागीय अधिकारियों से अध्ययन रिपोर्ट मांगी है।
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