गुजरात के मोरबी ब्रिज हादसे में कई लोगों का परिवार खत्म हो गया. मीडिया ने बताया कि सोमवार को अस्पताल के बाहर और हादसे वाली जगह पर कई लोग अपनों की तलाश कर रहे हैं. एक पिता जिनकी 19 साल की बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही प्रशासन से बेहद नाराज नज़र आए. एक परिवार के 7 लोग इस हादसे का शिकार हो गए. कुछ परिवार तो ऐसे है जिन्हें ये ही नही पता कि उनके अपने अभी कहां हैं. ना उन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन की जगह से कोई जानकारी मिल पा रही है और ना ही उनका सिटी हॉस्पिटल में कुछ पता चल पा रहा है।
मोरबी में केबल ब्रिज गिरने की घटना के एक चश्मदीद ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि रविवार शाम को करीब 6:30 बजे पुल गिरा. कई लोग पानी में गिरे. कई लोगों ने ब्रिज में लगे जाल को पकड़ कर बचने की कोशिश की. कई बच्चों, महिलाओं को मैं खुद अस्पताल लेकर आया एक महिला थी जो गर्भवती थी उन्हें भी अस्पताल लाया लेकिन उनकी मृत्यु हो गई. वहीं, एक अन्य चश्मदीद महिला ने बताया कि वह इस हादसे को शब्दों में बयां नहीं कर सकती. मैं परिवार के साथ लोगों की मदद की. शवों को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन भी मुहैया कराए गए. ऐसा हादसा हमने जिंदगी में कभी नहीं देखा.
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर हेमंत शर्मा ने मीडिया को बताया कि वे एनडीआरएफ की टीम टेक्निकल मदद लेकर सर्च कर रही है. इसमें एक मशीन अंदर पानी में डालकर बाहर स्क्रीन पर उसे देखा जा रहा है ताकि ये पता चल सके कि अंदर कोई है या नहीं. इस सिस्टम को rov ( रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल) कहते हैं. पानी के अंदर कैमरे जाकर लाइट के जरिए किसी के फंसे होने की तलाश की जा रही है.
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