होली के ऐन मौके पर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से एक सनसनीखेज वाकया सामने आया है। सोनबरसा प्रखंड के कन्हौली थाना क्षेत्र से महिला मुखिया को गांव के दबंग उठा ले गए। चार माह पूर्व मुखिया निर्वाचित हुईं 38 साल की इस महिला को तीन संतान हैं। वे स्कूल-काूलेज में पढ़ाई करते हैंं। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी से शादी करने की नीयत से बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पति को यह भी अंदेशा है कि उनकी पत्नी के साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है। बहरहाल, होली के ऐन मौके पर महिला मुखिया को अगवा किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
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महिला को होली के ठीक तीन दिन पहले अगवा किया गया। लोक-लाज के कारण शायद यह बात पति के द्वारा सार्वजनिक नहीं की जा रही थी। मुखिया पति ने अपनी पत्नी को अगवा करने का मकसद से बयां कर दिया मगर, इतने सारे लोग मिलकर एक महिला मुखिया को इस तरह से उठा ले जाएंगे इस बारे में पुलिस को भी सहसा यकीन नहीं होता। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में गहराई से तफ्तीश की जा रही है। वैसे पुलिस को भी कोई न कोई बात खटकती जरूर है।
कन्हौली थाना पुलिस का कहना है कि शिकायती आवेदन के अनुसार, यह घिनौनी हरकत गांव के रहनेवाले बाप और उसके दो बेटों ने मिलकर की है। लिहाजा, रामप्रगास कापर व उसके दोनों पुत्रों संजय कापर, विजय कापर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक नवनिर्वाचित मुखिया से अदावत की दूसरी वजह भी हो सकती है। महिला को तीन संतान है। एक ज्येष्ठ पुत्र कालेज स्टूडेंट है, पुत्री मैट्रिक में है और तीसरी संतान अभी नौंवी कक्षा में है। वैसे पति के अंदेशे के मुताबिक, मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो सकता है। सभी बिंदुओं पर छानबीन चल रही है। पुलिस ने बताया भारतीय दंड संहिता की धारा 365/366 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। धारा 365 अपहरण के लिए धारा 365 तो 366 की धारा किसी स्त्री की इच्छा के बिना ही उसे शादी के लिए विवश करना या उससे विवाह करने के लिए उस स्त्री का अपहरण करने से संबंधित होती है।
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