मैनपुरी जनपद में गुरुवार को सनसनीखेज घटना सामने आई। विराेधी को फंसाने के लिए असरुद्दीन ने ही अपने पुत्र की हत्या कर शव को सरसों के खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने घटना का राजफाश कर आरोपित को गिरफ्तार किया तो उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
सात साल के बेटे की लाश के डाली थीं तस्वीरें
मैनपुरी के थाना करहल क्षेत्र के गांव खजुरारा निवासी असरुद्दीन का सात वर्षीय पुत्र शाहनबाज 23 फरवरी को लापता हो गया था। असरुद्दीन ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगले दिन शाहनबाज का शव सरसों के खेत में पड़ा मिला था। पास ही गांव के निवासी अभिषेक व अन्य तीन लोगों के फोटो पड़े मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
अपहरण के बाद हत्या के लगाए थे आरोप
पुलिस ने घटना को हत्या की धारा में परिवर्तित कर दिया था। इसी दौरान असरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि अभिषेक ने उसके पुत्र की अपहरण के बाद हत्या की है। पुलिस ने अभिषेक को हिरासत में ले लिया। लेकिन उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले। इस पर उसे रिहा कर दिया गया।
पुलिस जांच में बेटे को खेत पर ले जाता दिखा असरुद्दीन
पुलिस जांच में पता चला कि घटना वाले दिन असरुद्दीन अपने पुत्र के साथ खेत की ओर जाता दिखाई दिया था। पुलिस ने इस पहलू पर जांच शुरू की तो असरुद्दीन फरार हो गया। गुरुवार सुबह मिली सूचना के बाद पुलिस ने उसे सैफई बाइपास मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
बदला लेने के लिए रची साजिश
सीओ करहल चंद्रकेश सिंह के मुताबिक आरोपित ने पुलिस को बताया कि गांव का अभिषेक प्लंबर है। असरुद्दीन उसके साथ मजदूरी करता था। 22 फरवरी को अभिषेक के साथ झगड़ा हो गया था। इस दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई थी। वह अभिषेक से बदला लेना चाहता था। इसलिए उसे अपने पुत्र शाहनबाज की हत्या की योजना तैयार की थी।
बेटे को घुमाने के लिए ले गया खेत पर
23 फरवरी को वह शाहनबाज को घूमने के बहाने खेत पर ले गया। जहां शाहनबाज का पेंट उतार कर उसके मुंह में ठूंस दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। फिर शाहनबाज का गला घोंटकर हत्या कर दी और अभिषेक व अन्य तीना लोगों के फोटो मौके पर डालकर चला आया। ताकि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करें। एसओ केपी सिंह ने बताया कि आरोपित को जेल भेज दिया गया है।
तड़पता रहा बेटा, गला घोंटता रहा पिता
पिता के साथ घूमने जाते समय शाहनबाज को इस बात का आभास नहीं था कि पिता उसकी हत्या कर सकता है। वह काफी खुश था। असरुद्दीन के मुताबिक उसने शाहनबाज के मुंह में कपड़ा ठूंसा ताे वह भयभीत हो गया। इसी दौरान उसने शाहनबाज का गला दबा दिया। शाहनबाज तड़पने लगा, लेकिन उसने पकड़ ढीली नहीं की। शाहनबाज का शरीर शांत हुआ तो उसे छोड़कर चला आया।
कसाई है मेरा बेटा, कड़ी सजा मिले
गुरुवार को पुलिस ने राजफाश किया, उस समय असरुद्दीन के माता-पिता भी थाने में मौजूद थे। असरुद्दीन ने अपना गुनाह कुबूला तो वे हैरान रह गए। उनके मुंह से निकला कि मेरा बेटा कसाई है। जिसने अपने बेटे को मार डाला। इसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
राजफाश से गांव के लोग हैरान
ग्रामीणों के मुताबिक घटना का राजफाश होने में लतातार समय बीतता जा रहा था। जिससे लगने लगा था कि अब शहबाज की हत्या राज बनकर रह जाएगी। लेकिन उन्हें कतई आभास नहीं था कि असरुद्दीन अपने बेटे की हत्या कर सकता है। राजफाश होने से गांव के लोग हैरान हैं।
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