हिमालय प्रहरी

शातिरों ने ठगी की इंतहा कर दी.. एफडी तक तोड़ कर 4.50 लाख उड़ाए

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साइबर ठगों ने अब तक तो बैंक खातों की जानकारी हासिल कर मूल रकम पर ही हाथ साफ किया था। मगर अब एक ऐसा मामला सामने आया कि शातिर ने मोबाइल पर भेज गए लिंक को क्लिक करने पर ना सिर्फ खाते से रकम साफ की बल्कि एक खाता धारक की एफडी तक तोड़ दी। पीडि़त एक महिला है। जिसे घटना की जानकारी भी दो महिने बाद हो सकी। उसके खाते और एफडी से करीबन साढ़े चार लाख रूपए पार कर लिए गए। वहीं एक अन्य व्यक्ति को बैंक खाता ट्रांसफर करने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करना महंगा पड़ा। उसके खाते से 55 हजार से ज्यादा रूपए पार कर लिए गए।

मंडोर थानाधिकारी सुरेशचंद सोनी ने बताया कि मूलत पीपाड़शहर के कोसाना हाल माता का थान स्थित शिक्षक नगर की रहने वाली बसंती देवी पत्नी हनुमानराम जाट ने रिपोर्ट दी। इसके अनुसार उसके मोबाइल पर किसी शख्स ने लिंक भेजा था। इस पर उसने उसे क्लिक कर डाला। फिर शातिर ने कुछ और लिंक भेज कर बैंक संबंधी डिटेल हासिल कर ली। उसके अलग अलग बैंक खातों से साढ़े चार लाख रूपयों को पार कर लिया। उसके एसबीआई एकाउंट से एक एफडी को भी तोड़ दिया गया। वह रूपए लेने बंैंक गई तब पता लगा कि खाते की एफडी भी टूट गई है और शातिर ने यह रकम पार कर ली। पीडि़ता गुरूवार को मंडोर थाने पहुंची और केस दर्ज करवाया। आईटी एक्ट एवं धोखाधड़ी में यह केस दर्ज करवाया गया है।

इधर एयरफोर्स रोड फोर फिंगर के रहने वाले बालाराम पुत्र लिखमाराम सुथार ने रातानाडा थाने में रिपोर्ट दी कि उसने अपने एक एक्सिस बैंक खाते को सिकं दराबाद से ट्रांसफर करने के लिए गूगल पर नंबर सर्च किया। तब किसी शख्स ने नंबर पर संपर्क किया और खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी होना बताया। इस पर उस शख्स ने एनीडेस्क ऐप को डाउनलोड करने के साथ ओटीपी नंबर को साझा करने को कहा। इस झांसे में आने पर उसने ओटीपी नंबर साझा कर दिया। फिर उसके एसबीआई एकाउंट से 47 हजार 339 और एक्सिस बैंक खाते से 897. 95 रूपए पार हो गए। वह घटना के संबंध में एसबीआई शाखा पर भी गया। मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वह गुरूवार को रातानाडा थाने पहुंचा। इससे पहले वह साइबइ सैल शाखा पर भी गया था। पुलिस ने अब धोखाधड़ी में केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ की है।

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