हिमालय प्रहरी

सभी मिलकर एक ही कमरे में करते थे खूब अय्याशी, लेकिन नियत में पहले से था खोट और कर डाला इतना बड़ा कांड

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गाजियाबाद ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल के अनुसार चार दोस्‍तों ने मिलकर रूह कंपाने वाला कांड कर डाला और साक्ष्‍य मिटाने की पूरी कोशिश की. लेकिन गाजियाबाद स्‍वॉट टीम ने मुखबिर और सर्विलांस की मदद से सभी को गिरफ्तार कर लिया है.

पांच लोगों ने मिलकर कमरे को ‘अय्याशी’ अड्डा बना दिया था. सभी शाम को बैठकर मौज करते थे, लेकिन उनकी नीयत पहले से खराब थी. हर दिन मौके की तलााश करते थे. एक दिन मौका मिल गया और सभी ने मिलकर रूह कंपाने वाला कांड कर डाला और साक्ष्‍य मिटाने की पूरी कोशिश की. लेकिन गाजियाबाद स्‍वॉट टीम ने मुखबिर और सर्विलांस की मदद से सभी को गिरफ्तार कर लिया है.

गाजियाबाद ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल के अनुसार लोनी भौपुरा रोड के किनारे नाले के पास एक अज्ञात व्यक्ति का बगैर सिर शव मिला था. इस मामले में 25000 रुपये का ईनामी मुख्य अभियुक्त व 03 अन्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया, इनके कब्‍जे से मृतक की खोपड़ी , एक जानवर की खोपड़ी बरामद हुई थी. इनके नाम नरेन्द्र उर्फ एन डी नन्दनगरी, पवन कुमार, आदर्श नगर दिल्ली, पंकज कुमार और मुख्य अभियुक्त विकास उर्फ परमात्मा हैं.

गिरफ्तार अभियुक्त विकास उर्फ परमात्मा ने पूछताछ करने पर बताया कि मेरे गांव का रहने वाला धनन्जय भी दिल्ली मे रहकर खाना बनाने का काम करता था. हमारा एक दोस्त विकास उर्फ मोटा आटो चलाता था. मैं तथा विकास ताहिरपुर दिल्ली मे किराये पर कमरा में साथ ही रहते थे. धनन्जय भी हमारे पास कमरे पर आता जाता था. ई- रिक्शा चलाते हुए ही मेरी जान पहचान नरेन्द्र उर्फ एन डी से हो गय़ी थी. नरेन्द्र जीटीबी अस्पताल शाहदरा दिल्ली मे लिफ्ट चलाने का काम करता है.

एक दिन नरेन्द्र मुझसे कहा कि मैं तुम्हें काफी पैसे की कमाई करा सकता हूं. तुम्हें एक आदमी की खोपड़ी का इंतजाम करना है. मुझे भी पैसों की आवश्यकता थी और मैं लालच में आ गया. विकास प्रजापति ने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करो, जिसकी हत्या कर मानव खोपड़ी मिल सके. धनन्जय तथा विकास उर्फ मोटा ने हमदर्द चौराहा दिल्ली से राजू नाम के एक ऐसे व्यक्ति की तलाश की, जिसका आगे पीछे कोई नहीं था. वह नशा करने का आदी था.

हम तीनों ने उस व्यक्ति को नशा कराया और अपने साथ कमरे पर ले गये. कई दिन तक वह हमारे साथ हमारे कमरे पर ही रहा और हम उसे नशा कराते रहे. 21/22 नवंबर की राज में हमने फिर उसे और शराब पिलाई और नशा हो जाने पर उसके गले में गमछे का फंदा लगाकर पंखे से लटका दिया, जब वह मर गया तो उसके शव को छिपाने के उद्देश्य से विकास उर्फ मोटा के ऑटो मे रखकर जंगल ले गये. हम तीनों ने राजू कुमार की गर्दन को काट कर अलग कर दिया. उसके सिर को अपने कमरे से ही साथ में लाये. लेकिन स्‍वॉट टीम ने चारों को गिरफ्तार कर ि‍लया.

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