हिमालय प्रहरी

सूखे से राहत पाने के लिए कुप्रथा का हैरान कर देने वाला मामला, छह बालिकाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया

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मध्य प्रदेश के दमोह जिले में बारिश के लिए देवता को खुश करने और सूखे से राहत पाने के लिए कुप्रथा का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।यहां ग्रामीणों ने कम से कम छह बालिकाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मामले में संज्ञान लेते हुए दमोह जिला प्रशासन से इस घटना की रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दमोह जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर जबेरा थाना क्षेत्र के बनिया गांव के लोग मानसून में बारिश की कमी और खेतों में सूखे की समस्या से परेशान हैं।ग्रामीणों में इससे निजात पाने के लिए बालिकाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की एक कुप्रथा प्रचलित है।ग्रामीणों का मानना है कि ऐसा करने के से बारिश के देवता प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में बारिश करते हैं। इससे सूखे से राहत मिलती है।

इस कुप्रथा में निर्वस्त्र बालिकाओं के कंधे पर मूसल रखा जाता है और इस मूसल में मेंढक को बांधा जाता है। बालिकाओं को पूरे गांव में घुमाते हुए महिलाएं पीछे-पीछे भजन करती हुई चलती है।रास्ते के घरों से महिलाएं आटा, दाल या अन्य खाद्य सामग्री एकत्र करती है और जो भी खाद्य सामग्री एकत्रित होती है उसे गांव के ही मंदिर में भंडारा के माध्यम से पूजन किया जाता है। यह बड़ी ही हैरान करने वाली कुप्रथा है।

जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डीआर तेनिवार ने बताया कि ग्रामीणों ने रविवार को करीब छह बालिकाओं को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया था।  इसके बाद पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का मानना है कि इस कुप्रथा के परिणामस्वरूप बारिश हो सकती है, लेकिन कानूनी रूप से यह गलत है।

घटना की सूचना पर NCPCR ने संज्ञान लेते हुए जिला कलक्टर और SP से मामले की रिपोर्ट तलब की है।इधर, जिला कलक्टर एस कृष्ण चैतन्य ने कहा कि घटना में बालिकाओं के माता-पिता भी शामिल बताए जा रहे हैं और उन्होंने अंधविश्वास के तहत ऐसा किया है। इस संबंध में किसी भी ग्रामीण ने कोई शिकायत नहीं की है।उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को इस तरह के अंधिवश्वास से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा।

इधर, घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो क्लिप में बिना कपड़ों वाली बालिकाएं (लगभग पांच साल की) कंधे पर एक मेंढक के साथ बंधे लकड़ी के मूसल को कंधे पर रखकर चलती दिखाई देती है। इसी तरह उनके पीछे महिलाएं भजन गाती चलती नजर आ रही है।एक अन्य वीडियो में कुछ महिलाओं को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह अनुष्ठान किया जा रहा था क्योंकि बारिश के अभाव में फसल सूख रही थी।

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