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स्वस्थ शरीर के लिए विटामीन- डी भी जरुरी है। ऐसे में सिर्फ धुप ही नहीं ,बल्कि प्राकृतिक आहार भी ले ताकि पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिले और अवशोषित भी हो।
ये कमी के लक्षण है।-विशेषज्ञो के अनुसार,विटामिन-डी की कमी हो तो कॉरोना संक्रमण होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। अतः इसे हल्के में न ले। विटामिन डी की कमी के लक्षण आसानी से पहचान में नहीं आते। ऐसे में इन बातों पर गौर करना चाहिये।बार बार खांसी -जुखाम होना ,थकान,हड्डियों में दर्द और पीठ के निचले हिस्से में दर्द इसके चंन्द संकेत हो सकते है।हमेशा सुस्त रहना,सर्जरी या चोट के बाद घाव का बहुत धीमी गति से भरना भी कमी के लक्षण है।महिलाओ और पुरुषों में बालों के झड़ने की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको विटामिन डी की कमी महसूस हो रही है, तो उसकी जानकारी के लिए जाँच करवाए कितनी कमी है, इस आधार पर आप चिकित्सक के अनुसार डाइट प्लान और सप्लीमेंट की योजना बना सकते है।
ऐसे दूर करे कमी।
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रोजाना 15 मिनट तक नियमित धुप लें। साल्मन मछली प्रोटीन, ओमगा-3फैटी एसिड और विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत होती है।अंडे के पीले हिस्से में विटामिन-डी मौजूद होता है।इसके अलावा इसमें फेट,अन्य विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते है।संतरे में विटामिन-सी होता है जो विटामिन-डी के अवशोषण में मदद करता है।अतः ताजे संतरो के रस का सेवन करे।गाय का दूध और दही दोनों ही विटामिन-डी के स्त्रोत है।फूल क्रीम दूध लेना चाहिए।वहि दही घर पर जमाया हो,तो बेहतर।इसके अलावा बादाम का दूध और चावल का दूध ले सकते है। अंकुरित अनाज भी ले सकते है।चिकित्सक के अनुसार सप्लीमेंट ले सकते है। दवाईयो और इंजेक्शन के रूप में भी सप्लिमेंट ले सकते है।
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