हिमालय प्रहरी

13 साल की बेटी की दी बलि, बोली- उसे मारने का सपना आया था

खबर शेयर करें -

कोटा. राजस्थान के बारां जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अंधविश्वास के चक्कर में अपनी 13 साल की मासूम की गला दबाकर जान ले ली।  मां ने अपने बेटे पर भी चाकू से वार करना चाहा। लेकिन वह भाग निकला ऐसे में उसकी जान बच गई। लेकिन 13 साल की मासूम की मौत के बाद अब पुलिस ने हत्यारी मां को गिरफ्तार कर लिया है। इतना ही नहीं करीब 1 सप्ताह पहले महिला ने अपने पति को भी जान से मारने की कोशिश की थी।

दरअसल,  बारां जिले के अंता कस्बे में रहने वाली महिला रेखा के बड़े बेटे नितेंद्र सिंह के दिल में बचपन से छेद था। जिसको लेकर वह काफी परेशान रहती थी। कई बार उसे सपने आए कि यदि वह किसी इंसान की बलि देगी तो उसका बेटा ठीक हो जाएगा। इसी बात को लेकर पहले तो रेखा ने अपने पति शिवराज पर 7 दिन पहले खेत में काम करने के दौरान दांतली से हमला करने की कोशिश की। लेकिन गनीमत रही कि वह बच गया।

मौत से पहले बेटी को नहलाया-सजाया फिर बेटी पर मारे दनादन चाकू
इसके बाद हत्यारी मां रेखा ने अपने दोनों छोटे बच्चे संजना और सिंघम को नहलाया धुलाया। और दोनों को तैयार कर एक कमरे में ले गई। कमरे में जाते ही दोनों पर चाकू से वार किए। लेकिन इसी बीच छोटा बेटा सिंघम वहां से निकल गया। लेकिन बेटी संजना मां की पकड़ में आ गई। महिला ने गेट बंद किया और चाकू को फेंककर अपनी 13 साल की मासूम का तब तक गला दबाया जब तक कि उसके प्राण नही निकले।

मां को बेटी का नहीं कोई गम…आराम से आंगन में बैठी रही
महिला को अपने बेटी की मौत का बिल्कुल भी मातम नहीं था। घटना के बाद वह आराम से घर में बैठी रही। जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो महिला ने पूरी घटना बताई। वह इस मामले में परिवार वालों का कहना है कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी । जिसे कई बार दौरे भी आते थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों की माने तो महिला किसी तांत्रिक के चक्कर में थी। जिसके झांसे में आकर उसने अपने ही बच्चे की बलि दे दी।

Exit mobile version