हिमालय प्रहरी

लहसुन चोरी के शक में 3 युवकों को थर्ड डिग्री, 2 पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड

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उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में चोरी के शक के चलते पुलिस ने तीन युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी. पुलिस ने तीनों युवकों को इतना पीटा की उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पीड़ित युवकों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन पर जबरन चोरी की घटना कबूल करने का दबाव बना रहे थे.

युवकों ने जब उनकी बात नहीं मानी तो पुलिसकर्मियों ने रस्सी से बांधकर युवकों को बेरहमी से पिटाई कर दी. यह पूरा मामला कन्नौज जिले के औसेर चौकी क्षेत्र का है. जहां 1 महीने पहले लहसुन की चोरी हुई थी. चौकी इंचार्ज विनय कुमार मामले की जांच पड़ताल कर रहे थे. मामले में जब आरोपी नहीं पकड़ में आए तो चौकी इंचार्ज और दो सिपाही क्षेत्र के ही तीन युवकों को उनके घर से शक के दायरे में पकड़ लिया.

पीड़ितों ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिसकर्मी उनको बहला-फुसलाकर घर से चौकी ले आए. चौकी पर उन पर जबरन चोरी की घटना कबूल करने का दबाव बनाने लगे. जब युवकों ने मामले में कुछ भी जानकारी न होने की बात कही तो वहां पर तैनात सिपाही और चौकी इंचार्ज ने युवकों को जमकर पीटा और तीनों युवक बेहोश हो गए. इसके बाद तीनों युवकों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती तक कराना पड़ा.

पीड़ितों ने रो-रो कर सुनाई आपबीती

युवकों के पूरे शरीर पर चोटों के ऐसे निशान थे. जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाएगी. मामूली शक के आधार पर पुलिस की बर्बरता और क्रूरता इस कदर इन युवकों पर टूटेगी. अस्पताल में मौजूद डॉक्टर भी इस बात की कल्पना तक नहीं कर पा रहे थे. औसेर गांव निवासी मिथुन, चंदन और मयूर ने रो-रो कर अपनी आपबीती बताई. पीड़ितों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए.

निलंबित किए गए पुलिसकर्मी

पुलिस ने उनसे जबरन नाम काबूलवाने और घटना में अपना नाम होने का दबाव बना रहे थे. इसके लिए पुलिस ने उनसे पैसों की डिमांड भी की थी. जैसे ही इस घटना की जानकारी कन्नौज के नए पुलिस कप्तान अमित कुमार आनंद को ही उन्होंने तत्काल मामले में जांच कराई. कुछ घंटों के अंदर ही प्रथम दृष्टया में पुलिसकर्मियों पर गलत तरीके से युवकों से मारपीट करने का दोषी पाया गया. इसके बाद कप्तान ने तत्काल औसेर चौकी इंचार्ज विनय कुमार आरक्षी विपिन कुमार आरक्षी मुल्तान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. एसपी ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच के लिए छिबरामऊ के क्षेत्राधिकारी को जांच सौंप दी है.

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