मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां की सिविल लाइन थाना पुलिस ने हाल ही में चो,री के एक मामले में स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है.
यह मामला 34 साल पुराना है और जब चोर को गिर,फ्तार किया गया, तो उसकी उम्र पुलिस ने 35 साल बताई. यानी पुलिस ने 1 साल के बच्चे को आरो,पी बना दिया. इस बात के तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.
अब जब इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल पूछा जा रहा है, तो वे गोल-मोल जवाब दे रहे हैं. अधिकारी अब अपराध के वक्त आ,रोपी को नाबालिग बता रहे हैं. पुलिस का कहना है कि वर्तमान में आ,रोपी की उम्र 46 साल है.
बता दें, मध्य प्रदेश पुलिस के अजब-गजब कारनामों की किस्से आए दिन सामने आते रहते हैं. इनमें पुलिस कोई न कोई अनोखा खेल करती ही है. रीवा जिले के सिविल लाइन थाना इलाके में ऐसा ही कुछ हुआ. दरअसल, पुलिस ने 34 साल पुराने मामले में उमाशंकर शर्मा को गि,रफ्तार किया. गौरतलब है
कि उसकी गि,रफ्तारी के बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया. इसके मुताबिक, गि,रफ्तार हुए आरो,पी को स्थायी वारंटी बताया गया और उसकी उम्र 35 साल दर्ज की गई. इसमें बताया गया कि आरो,पी ने 34 साल पहले अपरा,ध क्रमांक 461 अर्थात् चाय-पान की गुमठी में चो,री की थी.
इस अपराध को लेकर साल 2011 में कोर्ट ने वारंट जारी किया था. अब मामला दर्ज होने के 34 साल बाद 11 अप्रैल को गि,रफ्तार किया गया. पुलिस के प्रेस नोट की मानें तो जब इस आ,रोपी ने अप,राध किया तब उसकी उम्र महज 1 वर्ष की थी,
जिसे अब 35 साल की उम्र में गिर,फ्तार किया गया. जानकारी के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी अपने अपने बचाव में जुट गए हैं. अब वे चो,री के आ,रोपी की उम्र 46 साल बता रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक, चाय और पान की गुमठी में चो,री करने करने वाला अप,राधी बच्चा था, जिसका प्रकरण 34 साल पहले दर्ज किया गया था. अब 34 साल बाद आ,रोपी के रूप में उसकी गिर,फ्तारी की गई है.
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