हिमालय प्रहरी

5 महीने की गर्भवती का सच जानकर पुलिस भी हुई हैरान, पति की एम्बुलेंस का रहस्य खुलना बाकी

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कोई भी इस 23 साल की गर्भवती को देखकर शक नहीं कर सकता था कि ये ड्रग्स के धंधे में ऊंची खिलाड़ी निकलेगी। लेकिन जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो चौंक गई। महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स कारोबार को भांडाफोड़ किया है। पहली बार पकड़ी गई इस महिला के पास से  51 लाख रुपये की कोकीन जब्त हुई है। और भी कुछ आरोपी पकड़े गए हैं।

मुंबई.ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ लगातार जारी मुहिम के तहत महाराष्ट्र पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जोन-11 पुलिस ने पिछले एक सप्ताह में मालवानी व एमएचबी कॉलोनी से 4 ड्रग्स तस्करों व वितरकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एमडी, हेरोइन व कोकीन समेत करीब 3.32 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। इनमें दो पहली बार पकड़े गए हैं, जबकि एक 23 वर्षीय गर्भवती महिला भी है। यह भी पहली ही बार पकड़ में आई है। कोई भी इस 23 साल की गर्भवती को देखकर शक नहीं कर सकता था कि ये ड्रग्स के धंधे में ऊंची खिलाड़ी निकलेगी। लेकिन जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो चौंक गई। इस महिला के पास से  51 लाख रुपये की कोकीन जब्त हुई है।

पति की एम्बुलेंस से ड्रग्स सप्लाई पर शक
एमएचबी पुलिस ने शनिवार को 23 वर्षीय गर्भवती महिला मुस्कान कनौजिया को बोरीवली में 51 लाख रुपये की कोकीन बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि महिला 5 महीने की गर्भवती है। यह अपने पति और अपने दो बच्चों के साथ बोरीवली पश्चिम के शिवाजी नगर में रहती है। उसके पति के पास एक एम्बुलेंस है। पुलिस को शक है कि इसका इस्तेमाल शहर में ड्रग्स की सप्लाई और डिलीवरी के लिए किया जा रहा होगा। वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर कुदलकर(Senior Inspector Sudhir Kudalkar) की निगरानी में जांच अधिकारी संदीप साल्वी और उनकी टीम ने इस महिला को पकड़ा। उसके पास से करीब 51.75 लाख रुपये की 345 ग्राम कोकीन जब्त की गई है। एक अधिकारी के अनुसार, मुस्कान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि वो कम मात्रा में ड्रग्स का कारोबार करती थी, इसलिए आज तक पकड़ी नहीं गई। पुलिस उसे पकड़ने के लिए काफी पहले से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।

एक नाइजीरियन भी अरेस्ट
मालवानी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान बिहार के रहने वाले 38 वर्षीय प्रमोद कालीचरण शर्मा और मध्य प्रदेश के रहने वाले 32 वर्षीय मोहम्मद इस्माइल मोहम्मद नजरूल खान के रूप में हुई है। दोनों ने नेपाल सीमा से लगे बिहार के एक जिले से कथित तौर पर 1.69 करोड़ रुपये की हेरोइन की तस्करी की थी। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नाइजीरियाई नागरिक विक्टर ओबगबोना चुकुने को भी धर दबोचा। जब पिछले बुधवार को उसे पकड़ा गया, तब उसके पास 1.12 करोड़ रुपये के एमडी (Mephedrone) मिली। 36 वर्षीय विक्टर 2016 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। उसे पिछले साल नालासोपारा पुलिस ने ड्रग्स के एक मामले में गिरफ्तार किया था। विक्टर यह ड्रग्स किससे खरीदता था और किन्हें सप्लाई करता था, पुलिस जांच में लगी है। विक्टर लंबे समय से ड्रग्स के कारोबार से जुड़ा है। वो चलती ट्रेनों में आर्थिक लेनदेन करता था।

डबल टाइगर के साथ पकड़े गए
पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर(Deputy Commissioner of Police Vishal Thakur) की निगरानी में सहायक निरीक्षक हसन मुलानी और उनकी जांच टीम ने शनिवार को जाल बिछाकर प्रमोद-इस्माइल को गिरफ्तार किया था। पुलिस बिहार के उस जिले में रहने वाले ड्रग माफिया के सरगना को तलाश रही है, जिससे ये दोनों ड्रग्स लेकर आए थे। दोनों से जब्त की गई दवा को डबल टाइगर( Double Tiger) के रूप में जाना जाता है। यह एक प्रीमियम गुणवत्ता वाली हेरोइन है। इसका निर्माण थाईलैंड में होता है। यह काफी महंगा ड्रग्स है। आशंका है कि तस्कर इसे नेपाल के रास्ते थाईलैंड से बिहार लाए थे। यहां से उसे अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाना था।

शुरुआती जांच के मुताबिक प्रमोद और इस्माइल पहली बार पकड़ में आए। प्रमोद पेशे से ठेकेदार था। वह बिहार में सड़कें और घर बनाने का ठेका लेता था। लेकिन COVID-19 महामारी के कारण उसे काम नहीं मिला और नुकसान हो गया। इसके बाद उसने बड़ी कमाई के लालच में ड्रग कारोबार में प्रवेश कर लिया। उसे मुंबई में ड्रग्स की सप्लाई के लिए 5 लाख रुपये का कमीशन मिलने वाला था।

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