राजधानी दिल्ली में दरिंदगी की हदें तब पार हो गईं, जब एक कुत्ते के साथ कथित तौर पर बलात्कार को अंजाम दिया गया। घटना से जुड़ा वीडियो और फोटो सामने आए तो लोग आगबबूला हो उठे और पूछने लगे कि आखिरकार सत्ता में रहने वालों की क्या जिम्मेदारी है?
यह मामला हरि नगर इलाके के पार्क में आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया था। मामले से जुड़ा वीडियो भी सामने आया था, जिसके वायरल होने के बाद स्थानीयों ने नजदीकी पुलिस थाने में इस बाबत शिकायत दी। पुलिस इसके बाद हरकत में आई और उसने आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 377/11 सेक्शन और एनिमल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
वीडियो के आधार पर फिलहाल पुलिस आरोपी को तलाशने में जुटी है। मामले से जुड़ी क्लिप के वायरल होने के बाद लोगों सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूटा और उन्होंने इसे पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता करार दिया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और तस्वीरें आईं, वे इतनी अधिक विचलित करने वाली हैं कि हम उन्हें साझा भी नहीं कर सकते। तरुण अग्रवाल नाम के एंटी-क्रुएलिटी ऑफिसर ने टि्वटर पर मामले से जुड़े फोटो और वीडियो शेयर करते हुए कहा- सत्ता में रहने वालों की क्या जिम्मेदारी है? हरिनगर के एसएचओ ने एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। क्या वह एफआईआर के लिए महिला का रेप होने का इंतजार कर रहे हैं?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट ने भी तरुण के ट्वीट को रीट्वीट कर लिखा था, ”एफआईआर दर्ज न करके दिल्ली पुलिस एक बलात्कारी को बचा रही है. एसएचओ हरिनगर को कार्रवाई करने से क्या रोक रहा है? क्या यह अपराध नहीं है?”
हालांकि, इसके बाद हरिनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
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