हिमालय प्रहरी

9 मौतों के बीच ‘बेबस’ पिता की जांबाजी; बेटी को बचाने के लिए तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

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नई दिल्ली (19 मार्च 2026): पालम स्थित एक व्यावसायिक सह-आवासीय इमारत (Commercial-cum-Residential building) में लगी आग ने राजिंदर कश्यप के हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस तबाही के बीच 32 वर्षीय अनिल और उनकी डेढ़ साल की मासूम बेटी की कहानी ने सबको झकझोर दिया है।

1. पिता का ‘सुपरहीरो’ अवतार: मौत के मुंह से छीनी जिंदगी

जब तीसरी मंजिल आग के गोलों और दम घोंटू धुएं से घिर गई, तब अनिल के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था:

  • साहस का फैसला: अनिल ने अपनी डेढ़ साल की बेटी को सीने से चिपकाया और उसे आग से बचाने के लिए नीचे फेंकने का जोखिम भरा फैसला लिया, इस उम्मीद में कि नीचे कोई उसे थाम लेगा।

  • भयानक मंजर: बच्ची हाथ से फिसलकर सीधे जमीन पर जा गिरी, जिससे उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। अपनी मासूम को गिरता देख पिता अनिल ने भी तीसरी मंजिल से नीचे खड़ी एक गाड़ी पर छलांग लगा दी।

  • वर्तमान स्थिति: पिता और बेटी दोनों इस वक्त सफदरजंग अस्पताल में गंभीर हालत में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

2. पड़ोसियों का ‘ऑपरेशन हथौड़ा’

दमकल विभाग के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने जो साहस दिखाया, वह मिसाल है:

  • दीवार तोड़ना: कपड़ों की दुकान चलाने वाले रघुनंदन शर्मा और अन्य पड़ोसियों ने हथौड़े उठाए और बगल वाली इमारत की छत से दीवार तोड़ना शुरू किया ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके।

  • बेबसी: एक हिस्सा टूटने के बाद भी जहरीले धुएं और भड़कती लपटों ने पड़ोसियों को अंदर कदम नहीं रखने दिया। उनकी आंखों के सामने ही अंदर चीखें शांत होती गईं।

3. सिस्टम पर सवाल: 50 मिनट की ‘देरी’ और फेल मशीनें

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने दमकल विभाग (Delhi Fire Service) पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • हाइड्रोलिक फेलियर: आरोप है कि मौके पर पहुंची गाड़ियों की हाइड्रोलिक मशीन और प्रेशर सिस्टम ने समय पर काम नहीं किया।

  • कीमती समय की बर्बादी: करीब 45 से 50 मिनट तक लोग फायर ब्रिगेड की तकनीकी खामियों के कारण अपनों को जलता देखने के लिए मजबूर रहे।


Snapshot: पालम अग्निकांड त्रासदी

विवरण जानकारी
कुल मौतें 9 लोग (एक ही परिवार के)
पीड़ित परिवार राजिंदर कश्यप (मार्केट प्रेसिडेंट) का परिवार
कारण (संभावित) ग्राउंड फ्लोर के कॉस्मेटिक शोरूम में शॉर्ट सर्किट
घायल जांबाज अनिल और उनकी डेढ़ साल की बेटी
अस्पताल सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली

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