हिमालय प्रहरी

हत्या से पहले बहन से बोला- अब जिंदगी खत्म, कातिलों ने फोन छीनकर बड़ी बहन से की अश्लील बातचीत, पढ़ें मामला

खबर शेयर करें -

जाफरगंज कस्बे में कातिलों की गिरफ्त में आने के बाद युवक रोता गिड़गिड़ाता रहा। कातिलों ने शायद युवक से उसकी अंतिम इच्छा पूछी होगी। इसके बाद बड़ी बहन से अंतिम बार युवक ने फोन पर बातचीत की।

फोन छीनकर कातिलों ने बड़ी बहन से भी अभद्रता की और बोले कि कल तुम्हें भी गांव आना पड़ेगा।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली युवक की शादीशुदा बहन भाई की हत्या की खबर पर गांव पहुंची। उसने भाई का रात करीब 9:14 मिनट में फोन आना दिखाया। फोन पर 8 मिनट 56 सेकेंड बात हुई। बहन ने बताया कि भाई रो-रो कह रहा था कि अब मेरा जीवन खत्म है।

उसे लगा कि दोस्तों के साथ नशे में होने की वजह से ऐसी बातचीत कर रहा है। कुछ ही देर बाद फोन पर दूसरे लोग बातचीत करने लगे। उससे अश्लील बातचीत करते हुए बोले कि मौत का कोई भरोसा नहीं कल तुम सबको आना पड़ेगा, अपना फोन खुला रखना। पुलिस मान रही कि कत्ल करने वालों ने ही फोन कराया होगा।

एक माह पहले छेड़खानी में धरा गया था रोहित
करीब एक माह पहले युवती के साथ गलत हरकत में रोहित पकड़ा गया था। उसे पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने मामले को हल्के में लिया था। पुलिस ने शांतिभंग के तहत रोहित को 14 दिन के लिए जेल भेजा था। परिवार भी बदनामी के डर से शांत रहा।

युवती के परिवार के साथ ही घर में बैठकर खाता पीता था
बिंदकी कोतवाली मुसुवापुर गांव के रोहित का युवती के गांव में फुफेरा भाई मोनू रहता है। वह फुफेरा भाई घर में अक्सर आता जाता था। वह धीरे-धीरे युवती के घर भी आने-जाने लगा। युवती के परिवार के साथ ही घर में बैठकर खाता पीता था।

14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था
परिवार को उसकी नीयत का अहसास नहीं था। एक माह पहले युवती से गलत हरकत करते रोहित को परिजनों ने पकड़ा था। परिजनों ने उसे पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में पेश कर रोहित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था।

पुलिस ठोस कार्रवाई करती, तो घटना बच सकती थी
जेल से छूटने के बाद ही रोहित बदला लेने की फिराक में था। पुलिस उस समय शायद रोहित पर ठोस कार्रवाई करती, तो घटना बच सकती थी। प्रभारी थानाध्यक्ष शिव कुमार ने बताया कि एक माह पहले भी परिजनों ने मारपीट की शिकायत की थी। इस पर कार्रवाई की गई थी।

डीजे के शोर में दबी चीखें
गांव में एक युवती की बरात आई थी। बरात घटनास्थल के पास बरातशाला में रुकी थी। जहां डीजे और जनरेटर का शोर था। बराती और गांव के लोग बरात में मशगूल थे। घटना बरातशाला से कुछ दूरी हुई। माना जा रहा है कि युवक की चीख पुकार भी शोर की वजह से लोगों तक नहीं पहुंच सकी होगी।

धारा 103(1) के तहत हत्या का पहला मामला दर्ज
जिले में हत्या का पहला मामला नए कानून के तहत दर्ज किया गया है। पहले हत्या का मुकदमा धारा 302 के तहत दर्ज होता था। नए कानून के तहत धारा 103(1) के तहत दर्ज हुआ है। इस धारा के तहत आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को मृत्युदंड व आजीवन कारावास की सजा होगी।

ये है पूरा मामला
बहन से छेड़खानी के विरोध में मंगलवार रात भाई की तीन युवकों ने अगवा करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। ग्रामीणों ने सुबह शव देखकर परिजनों को खबर दी। पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

बरातशाला के पीछे मिला शव
जाफरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला 28 वर्षीय युवक मजदूरी करता था। वह भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे वह घर से शौच को जंगल निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। काफी देर तक न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की। सुबह छोटे भाई ने बरातशाला से 200 मीटर दूर शहाबुद्दीन के खेत पर बड़े भाई का शव देखा। शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे।

गर्दन पर खरोंच व दबाने के काले निशान मिले
प्रधान की सूचना पर पुलिस पहुंची। वह खेत पर मुंह के बल पड़ा था। नाक व मुंह से खून बहने के निशान थे। गर्दन पर खरोंच व दबाने के काले निशान मिले। मां ने पुलिस को बताया कि बिंदकी कोतवाली के मुसुवापुर गांव का रोहित उसके गांव में रहने वाले फुफेरे भाई मोनू के घर आता-जाता था।

तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज
वह उसकी छोटी पुत्री पर गलत नीयत रखता था। बेटा इसका विरोध करता था। इसी खुन्नस में रोहित, मोनू और घमंडी लाल ने बेटे की हत्या की है। मौके पर पहुंचे सीओ सुशील दुबे ने परिजनों के बयान दर्ज किए। प्रभारी थानाध्यक्ष शिवकुमार यादव ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

Exit mobile version