भूना। गांव चौबारा में अवैध संबंधों के चलते काम वासना में अंधी एक मां ने अपने जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दिया था।
यही नहीं, महिला ने घटना के मात्र 10 दिन बाद आर्मी से छुट्टी पर घर आए पति को भी मारने का प्रयास किया। वारदात के 28 दिनों के बाद पुलिस ने इस मामले का पटाक्षेप करते हुए सैनिक की पत्नी व उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया। डीएसपी जुगल किशोर ने बताया कि दोनों मामलों में पुलिस ने छानबीन और पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं।
बता दें कि 3 जनवरी को चौबारा में फौजी कृष्ण के 7 वर्ष के बेटे हार्दिक की संदिग्ध मौत हो गई थी। फौजी ने अपनी ही पत्नी और गांव के झोलाछाप डॉक्टर पर सन्देह जताया था। इसी बीच 13 जनवरी को फौजी के बिस्तर में भी सुबह सोते समय आग लग गई थी। इस मामले में फौजी ने अपनी पत्नी कविता पर उसे जान से मारने का प्रयास करने के आरोप जड़ते हुए पुलिस में केस दर्ज कराया था। सैनिक की 9 वर्षीय बेटी ने अपनी मां की करतूत दादी को बताई तो परिजनों ने पुलिस को अवगत करवाया। पुलिस ने महिला के फोन की कॉल डिटेल निकाली तो प्रेम प्रसंग का कच्चा चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। उसी आधार पर पुलिस ने गांव चौबारा के झोलाछाप डॉक्टर सुरेश कोहाड़ व महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मासूम की हत्या और सैनिक के हत्या प्रयास की घटनाक्रम से पर्दा उठ गया।
क्या है पूरा मामला
गांव चौबारा निवासी आर्मी में सैनिक कृष्ण कुमार की शादी 12 साल पहले हसनगढ़ की कविता के साथ हुई थी। इस दौरान शादी के 2 साल बाद कृष्ण कुमार आर्मी में भर्ती हो गया। सैनिक की पत्नी कविता ने दो बच्चों को जन्म दिया, जिनमें बड़ी 9 वर्षीय बेटी सोनाक्षी व 7 वर्षीय बेटा हार्दिक पैदा हुए। कई माह से सैनिक की पत्नी का चाल-चलन ठीक नहीं लग रहा था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि झोलाछाप डॉक्टर सुरेश कोहाड़ ने कविता को अपने हवस वासना के जाल में फंसाया हुआ था। अवैध संबंधों के चलते स्वयंभू डॉक्टर के चाल चलन को 7 वर्षीय मासूम बच्चे ने देख लिया था। झोलाछाप डॉक्टर ने बच्चे को बीमार करने के उद्देश्य से दो नशीली गोली जबरन खिला दी, परंतु गोलियों में अत्याधिक जहरीला पदार्थ अधिक होने के कारण 7 वर्षीय मासूम हार्दिक तुरंत बेहोश हो गया। जहां अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित किया गया। घटना को लेकर सैनिक कृष्ण कुमार की सुई अपनी पत्नी की तरफ घूमने लगी तो स्वयंभू डॉक्टर ने उसका भी काम तमाम करने के लिए रणनीति बनाई।
आरोपी ने अपनी प्रेमिका को नींद की गोलियां दी और अपने पति को खिलाने के लिए दबाव बनाया। महिला और उसके प्रेमी ने मिलकर 13 जनवरी की रात्रि को गोली के नशे में होने के कारण सैनिक की चारपाई को आग लगा दी। जब सुबह करीब 5 बजे सैनिक की आंखें खुली तो बिस्तर में आग लगी हुई थी और वह बचाव के लिए शोर मचाने लगा। इसी दौरान परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला और बिस्तर पर लगी हुई आग को काबू किया। आगजनी की घटना में उसका दाहिना पैर जल गया था। पुलिस ने सैनिक की शिकायत पर उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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