हिमालय प्रहरी

पर्वतीय क्षेत्रो से पिरूल खरीदने लगी सेंचुरी पेपर मिल, रोजगार के साथ ही जंगली में देवाग्नि पर लगेगी रोक

खबर शेयर करें -

लालकुआं: पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोडऩे व वन संपदा को आग से बचाने के लिए सेंचुरी पेपर मिल द्वारा वन विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे पिरूल प्रोजक्ट धरातल में आ है। सेंचुरी पेपर मिल की इस पहल की क्षेत्र वासियों ने सराहना की है।
यह भी पढ़े- सिक्किम में कुमाऊं रेजिमेंट के तीन जवान शहीद, मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मिल परिसर में पिरूल का पाउडर बनाने वाली पल्पलाइजर मशीन का सेंचुरी पेपर मिल के सीईओ व नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ टीआर बीजूलाल ने संयुक्त रूप से शुभारंभ कर पिरूल खरीदना प्रारंभ कर दिया है। मिल प्रबंधन द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों से पिरूल खरीदने के बाद उसका पाउडर बनाकर बॉयलर में स्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार से जोडऩे व आग से जंगलों को बचाने के उद्देश्य से सेंचुरी पेपर मिल के सीईओ जेपी नारायण द्वारा पिरूल से इधन बनाने की कार्ययोजना बनाई थी। जिसको धरातल में लाने के लिए उनकी इस पहल में नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ टीआर बीजूलाल द्वारा सराहनीय सहयोग दिया गया। गुरुवार को मिल परिसर में पल्पलाइजर मशीन के शुभारंभ के अवसर पर मिल के वरिष्ठ अधिकारी नरेश चन्द्र ने बताया कि नैनीताल वन प्रभाग के पर्वतीय क्षेत्रों से पिरूल एकत्र कर सेंचुरी पेपर में लाया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों विशेषकर महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी। पिरूल को मिल में इस्तेमाल करने से जहां वनाग्नि में अंकुश लगने से वन सम्पदा बचेगी वही पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध होने से पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होने बताया कि उन्होने वन विभाग के सहयोग से पिरूल खरीदना प्रारंभ कर दिया है। इस अवसर पर मिल के वरिष्ठ अधिकारी विजय धीमान, देवाशीष दान, अरूण प्रकाश पांडे, अनिल सेतिया, योगेन्द्र वार्णेय, शैलेन्द्र पांडे, सुनील सहगल, मुकुल रोहतगी, आरपी सिंह एवं सुभाष शर्मा आदि उपस्थित थे ।

Exit mobile version