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‘धाकड़’ धामी का अग्निवीरों को भरोसा: वर्दीधारी पदों पर मिलेगा 10% आरक्षण; बोले- राज्यहित में कठोर निर्णय जरूरी

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गैरसैंण (11 मार्च 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में अग्निवीर कैडेट्स के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्निवीरों के भविष्य की चिंता करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विधिवत आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी गई है।

1. भविष्य की सुरक्षा: 10% क्षैतिज आरक्षण

कैडेट ओपी कंडारी के रोजगार संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाओं को दोहराया:

  • राज्य स्तरीय आरक्षण: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के वर्दीधारी बलों (पुलिस, वन आरक्षी आदि) में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है।

  • केंद्रीय अवसर: केंद्र सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों और अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता के आधार पर अवसर दे रही है।

2. ‘धाकड़ धामी’ और मुस्कान का राज

जब कैडेट्स ने उनसे उनकी कार्यशैली और पहचान पर सवाल पूछे, तो मुख्यमंत्री ने बेहद आत्मीय जवाब दिए:

  • कठोर निर्णय: “धाकड़ धामी” की छवि पर उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को जनता के प्रति सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित में UCC, सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून जैसे कड़े फैसले लेना जरूरी था।

  • हमेशा मुस्कान: चेहरे पर मुस्कान के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद और उनके लिए कार्य करने का संकल्प ही उन्हें ऊर्जा देता है।

  • परिवार का समय: उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “प्रदेश के सभी लोग मेरा परिवार हैं और हर गाँव मेरा अपना गाँव है।”

3. सैनिक पुत्र होने का गौरव

एक सैनिक के बेटे होने के नाते सेना के प्रति उनके झुकाव पर धामी ने कहा कि उन्होंने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को अपने पिता से विरासत में पाया है। उन्होंने कहा कि जिस समर्पण से सैनिक सीमा पर लड़ता है, उसी भावना से वह ‘मुख्य सेवक’ के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।


Snapshot: संवाद की मुख्य बातें

विषय मुख्यमंत्री का जवाब / निर्णय
अग्निवीर रोजगार राज्य के वर्दीधारी पदों पर 10% क्षैतिज आरक्षण
सेना की आत्मनिर्भरता पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात में अग्रणी बना है।
कड़े कानून UCC और नकल विरोधी कानून राज्य की पहचान बने।
प्रेरणा स्रोत सैनिक अनुशासन और प्रदेश की जनता।

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