हिमालय प्रहरी

सदाबहार अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा में निधन; बॉलीवुड और प्रशंसकों में शोक की लहर

खबर शेयर करें -
पणजी/गोवा। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर वे अचानक बेहोश पाए गए। परिजन और करीबी उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) आया था। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। उनके अचानक निधन की खबर आते ही पूरे देश, बॉलीवुड और उनके करोड़ों प्रशंसकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई।

4 अक्टूबर को हुए थे सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल; ‘कल रहूं न रहूं’ कहकर हुए थे भावुक

नाना पाटेकर पिछले कुछ दिनों से गोवा में समय बिता रहे थे। 4 अक्टूबर 2026 को डोना पाउला में आयोजित ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल इंस्टॉलेशन’ समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जो उनकी जिंदगी की आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति (Public Appearance) साबित हुई। हमेशा की तरह साधारण सफेद कुर्ते और गमछे में पहुंचे नाना ने मंच से गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री व अपने प्रिय मित्र दिवंगत मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए उनकी जमकर तारीफ की थी।
कार्यक्रम में जीवन के फलसफे पर बात करते हुए नाना पाटेकर ने कुछ ऐसे शब्द कहे थे, जो आज उनके जाने के बाद हर किसी को भावुक कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, “हर इंसान को एक न एक दिन जाना है, मुझे नहीं पता कि मैं कल रहूंगा या नहीं। इंसान को खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि जब तक सांसें हैं, क्या वह समाज के लिए कुछ कर पा रहा है? सिर्फ परिवार, बच्चों और घर तक सीमित रहना ही जीवन का मकसद नहीं होना चाहिए, हमें समाज को भी लौटाना सीखना चाहिए।”

बेबाक अंदाज और दमदार अभिनय के लिए हमेशा याद किए जाएंगे नाना

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में जन्मे नाना पाटेकर ने लगभग पांच दशकों के अपने लंबे फिल्मी करियर में अपनी बुलंद आवाज, स्वाभाविक संवाद अदायगी और दमदार अभिनय के दम पर भारतीय सिनेमा में एक अमिट छाप छोड़ी। अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर नाना ने कला फिल्मों से लेकर व्यावसायिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों तक हर किरदार को जीवंत किया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा हीरा खो दिया है, जिसकी भरपाई होना असंभव है।
Exit mobile version