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सियासत में मिसाल: लोकसभा के ये दो सांसद नहीं लेते सैलरी; एक भाजपा से तो दूसरे कांग्रेस से

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नई दिल्ली (9 मार्च 2026): इंडिया टुडे द्वारा लोकसभा सचिवालय से प्राप्त RTI जवाब के अनुसार, वर्तमान सदन में केवल दो सांसद ऐसे हैं जो अपना वेतन (सैलरी) नहीं ले रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक भाजपा के दिग्गज उद्योगपति हैं, तो दूसरे कांग्रेस के पूर्व प्रोफेसर।

इन दो ‘निस्वार्थ’ सांसदों की प्रोफाइल

सांसद का नाम पार्टी संसदीय क्षेत्र विशेष कदम
नवीन जिंदल भाजपा (BJP) कुरुक्षेत्र (हरियाणा) वेतन के साथ-साथ सभी भत्ते और सरकारी सुविधाएं भी त्यागीं।
डॉ. बिमोल अकोइजाम कांग्रेस (INC) इनर मणिपुर (मणिपुर) जनसेवा के संकल्प के साथ अपना आधिकारिक वेतन लेने से इनकार किया।

आर्थिक पृष्ठभूमि: ‘आसमान-जमीन’ का अंतर

इन दोनों सांसदों की पहल समान है, लेकिन इनकी आर्थिक स्थिति में बहुत बड़ा अंतर है, जो इनके इस निर्णय को और भी प्रभावी बनाता है:

  • नवीन जिंदल: कुरुक्षेत्र के सांसद और प्रसिद्ध उद्योगपति नवीन जिंदल के पास ₹1,241 करोड़ की घोषित संपत्ति है। वे 18वीं लोकसभा के तीसरे सबसे अमीर सांसद हैं। उन्होंने न केवल सैलरी छोड़ी है, बल्कि सभी आधिकारिक भत्ते और सुविधाएं लेने से भी मना कर दिया है।

  • डॉ. बिमोल अकोइजाम: इनर मणिपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. बिमोल की संपत्ति लगभग ₹97 लाख है। अन्य करोड़पति सांसदों की तुलना में कम संपत्ति होने के बावजूद सैलरी न लेने का उनका निर्णय उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।


सदन के सबसे अमीर सांसद कौन?

RTI में यह भी स्पष्ट हुआ कि नवीन जिंदल धनी जरूर हैं, लेकिन वे सदन के सबसे अमीर सदस्य नहीं हैं।

  • नंबर 1: टीडीपी (TDP) के डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी (गुंटूर) – संपत्ति ₹5,705 करोड़ से अधिक।

  • नंबर 2: भाजपा के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (चेवेल्ला) – संपत्ति ₹4,568 करोड़ से अधिक।

Snapshot: लोकसभा का वेतन गणित

  • कुल सीटें: 543 (वर्तमान में 2 रिक्त)।

  • वेतन लेने वाले: 481 सांसद वर्तमान में नियमित वेतन प्राप्त कर रहे हैं।

  • दूरी: कुरुक्षेत्र और इंफाल के बीच 2,575 किलोमीटर की भौगोलिक दूरी है, लेकिन सेवा के विचार ने इन दोनों को एक ही कतार में खड़ा कर दिया है।

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