
लालकुआं (नैनीताल), 27 जून 2026: राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) चौड़ीकरण तथा जमरानी बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के कारण बरेली रोड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों ने कुमाऊं कमिश्नर और नैनीताल जिलाधिकारी (DM) को एक संयुक्त विधिक ज्ञापन सौंपकर अन्नदाताओं के हित में त्वरित वैधानिक कार्रवाई की मांग उठाई है।
जमरानी नहर निर्माण से कुलाबें बंद; खरीफ की फसलों पर संकट
प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जमरानी परियोजना के तहत वर्तमान में चल रहे नहर निर्माण कार्यों के कारण बरेली रोड क्षेत्र की अधिकांश ग्रामीण सिंचाई कुलाबें (Sluice Gates) लंबे समय से मलबे और खुदाई के कारण बंद पड़ी हैं।
इसके साथ ही क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण माइनर नहरों का संचालन भी पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे स्थानीय काश्तकारों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी दिनों में धान, सोयाबीन तथा अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का मुख्य सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि बंद पड़े कुलाबों और माइनर नहरों की तत्काल विधिक व तकनीकी मरम्मत कर उन्हें पूर्व की भांति गांवों की मुख्य सिंचाई गुलों से नहीं जोड़ा गया, तो किसानों के सामने भुखमरी और भारी आर्थिक नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
हाईवे के गंदे पानी को सिंचाई गुलों में डालने पर आपत्ति; जलभराव का खतरा
इसके अलावा, ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा फोरलेन निर्माण के दौरान विकसित किए जा रहे ड्रेनेज सिस्टम (निकासी व्यवस्था) पर भी तकनीकी व व्यावहारिक रूप से कड़ी आपत्ति जताई गई है:
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जलभराव की आशंका: जनप्रतिनिधियों का कहना है कि हाईवे के वर्षा जल (Stormwater) को सीधे ग्रामीण सिंचाई गुलों और कृषि नहरों में डायवर्ट किया जा रहा है। मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव (Waterlogging) की गंभीर समस्या बनी रहती है।
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फसलों को नुकसान: यदि राष्ट्रीय राजमार्ग का भारी मात्रा में अतिरिक्त पानी भी इन संकरी सिंचाई गुलों में छोड़ा गया, तो खेतों की फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी, जिससे क्षेत्र में भारी कृषि व जनहानि जैसी अप्रिय परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित बहाली की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं मंडल के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि वे किसानों के इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लें। उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था को तुरंत सुचारू करने तथा हाईवे के ड्रेनेज सिस्टम के लिए खेतों से दूर कोई अन्य वैकल्पिक विधिक मार्ग सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
इस महत्वपूर्ण विधिक व सार्वजनिक ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र दुर्गापाल, कमला दुर्गापाल, चिंतामणि पांडे, भुवन आर्या सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान तथा स्थानीय ग्रामीण मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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