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झोलाछाप डॉक्टरों को बीएएमएस की फर्जी डिग्री बेचने वाले 25 लाख रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ की टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों को मुंह मांगे दामों में बीएएमएस की डिग्री बेचने वाले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को राजस्थान के अजमेर से  गिरफ्तार किया है । उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। शेरपुर मुजफ्फरनगर का रहने वाला इमलाख बाबा ग्रुप आफ कालेज का चेयरमैन है।

आरोपित से भारी संख्या में दस्तावेज बरामद किए गए हैं। प्रकरण में एसटीएफ पूर्व में इमलाख के भाई इमरान और बीएएमएस की जाली डिग्री पर क्लीनिक खोलने वाले सात झोलाछापों को गिरफ्तार कर चुकी है।

11 जनवरी को एसटीएफ ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया

एसटीएफ कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शुक्रवार को सीओ नरेंद्र पंत ने बताया कि 11 जनवरी को एसटीएफ ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह का सरगना इमलाख फरार चल रहा था।

इस बीच एसटीएफ को सूचना मिली कि वह राजस्थान के अजमेर में छिपकर रह रहा है। इसके बाद गुरुवार को निरीक्षक अबुल कलाम, एसआइ यादवेंद्र बाजवा, दिलवर नेगी की देखरेख में एक टीम भेजी गई, जहां इमलाख को अजमेर (राजस्थान) के किशनगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की जांच में सामने आया कि इमरान और इमलाख दोनों भाई मुजफ्फरनगर स्थित बाबा ग्रुप आफ कालेज के मालिक हैं। दोनों राजीव गांधी हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी कर्नाटक के नाम से बीएएमएस की जाली डिग्री तैयार करते हैं।

इसके अलावा वह बी-फार्मा, बीए, बीएससी की जाली डिग्री भी तैयार करते हैं और मोटी रकम लेकर इन्हें बेचते हैं। इमलाख मुजफ्फरनगर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने, धोखाधड़ी और लूट के 12 मुकदमे दर्ज हैं।

10वीं पास है इमलाख

पुलिस की जांच में सामने आया कि बीएएमएस की जाली डिग्री पर झोलाछापों को रातों-रात आयुर्वेदिक डाक्टर बनाने वाला इमलाख खुद 10वीं पास है। उसने अपने शैक्षणिक दस्तावेज भी जाली बनाए हुए हैं। वर्ष 2008 से उसने जाली दस्तावेज बनाने का काम शुरू किया।

तब वह हाईस्कूल, 12वीं व अन्य दस्तावेज तैयार करता था। धीरे-धीरे वह मेडिकल की डिग्री भी तैयार करने लगा। अंधाधुंध कमाई होने के बाद उसने मुजफ्फरनगर में 128 बीघा पर बाबा ग्रुप आफ कालेज नाम से संस्थान बना दिया, जहां से उसने अपना यह साम्राज्य आगे बढ़ाया।

अभी तक 100 से अधिक डिग्रियां तैयार की

जांच में यह बात भी सामने आई है कि इमलाख उत्तराखंड में 100 से अधिक झोलाछापों को बीएएमएस की डिग्री दे चुका है। एसपी (अपराध) सर्वेश पंवार की देखरेख में बनी एसआइटी प्रकरण की जांच कर रही है। एसटीएफ अधिकारियों की मानें तो इमलाख उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के नागरिकों को भी जाली डिग्रियां बेच चुका है।

इमलाख से यह सामान हुआ बरामद

मगध विश्वविद्यालय के 50 प्रोविजनल सर्टिफिकेट

बाबा भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के खाली 41 प्रमाण पत्र

गीतांजली इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसिस्ट के 60 सफेद लिफाफे

गीतांजली इंस्टीट्यूट के 55 पीले बड़े लिफाफे

राजीव गांधी यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज कर्नाटक के 19 खाली लिफाफे

बाबा भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के 36 खाली लिफाफे

टीएमएई सोसाइटी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल भद्रावती कर्नाटका के 17 लिफाफे

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