देहरादून/नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर हुई बढ़ोतरी ने आम जनमानस की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में हुई हालिया वृद्धि से जनता पहले ही त्रस्त थी, और अब बीते 10 दिनों के भीतर चौथी बार ईंधन की कीमतों में इजाफा होने से चौतरफा हाहाकार मच गया है। तेल के दामों में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी को लेकर देश के राजनैतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने वैश्विक संकट को इसकी मुख्य वजह बताया है।
महंगाई का डबल इंजन सक्रिय, जनता अब भगवान भरोसे: अमरेंद्र सिंह
ईंधन की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरेंद्र सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“देश में गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक महंगाई का डबल इंजन लग चुका है। पहले रसोई गैस महंगी की गई और अब महज 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ दी गई है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें अब महंगाई को नियंत्रित करने के मोर्चे पर पूरी तरह हाथ खड़े कर चुकी हैं। सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि देश की जनता अब उनके भरोसे नहीं, बल्कि भगवान भरोसे रहे।”
अमरेंद्र सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में आने वाले जिस आर्थिक संकट और बेकाबू महंगाई की चेतावनी पहले ही दे दी थी, वह आज सच साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस जनविरोधी नीति के खिलाफ एक व्यापक रणनीति के तहत सड़कों पर उतरकर लगातार उग्र प्रदर्शन करेगी।
खाड़ी देशों में आंतरिक युद्ध के कारण बढ़ीं कीमतें, जल्द मिलेगी राहत: महेंद्र भट्ट
दूसरी ओर, पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों पर सरकार का बचाव करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला दिया। उन्होंने मीडिया को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर, विशेष रूप से खाड़ी देशों (Gulf Countries) के भीतर चल रहे आंतरिक युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है।
महेंद्र भट्ट ने कहा:
“वैश्विक संकट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतवर्ष के भीतर ईंधन की कोई किल्लत न होने पाए। देश के भीतर आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की आपूर्ति निरंतर बनी रहे, यह सबसे महत्वपूर्ण है। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित होती है और आपूर्ति सुचारू होती है, ईंधन के दाम निश्चित रूप से कम हो जाएंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि बहुत जल्द देश में तेल की कीमतों पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।”
बाजारों पर पड़ेगा असर, चौतरफा महंगाई बढ़ने की आशंका
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि 10 दिनों में चौथी बार फ्यूल रेट बढ़ने से माल ढुलाई (Transportation) महंगी हो जाएगी। इसके चलते आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और राशन समेत दैनिक उपभोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आ सकता है, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ना तय माना जा रहा है।
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