चार दिन तक बंधक बनाकर युवती से दुष्कर्म, फिर जबरन शादी! पुलिस ने नहीं सुनी तो कोर्ट ने सुनी फरियाद

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आईटीआई थाना पुलिस की निष्क्रियता पर कोर्ट सख्त, एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश

राजू अनेजा,काशीपुर। काशीपुर में एक युवती द्वारा लगाए गए अपहरण, बंधक बनाकर दुष्कर्म, जबरन शादी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों के मामले में न्यायालय ने बड़ा आदेश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आईटीआई थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।

 

रास्ते से उठाने का आरोप, चार दिन तक कमरे में रखा बंद

युवती ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि आरोपित उसे रास्ते से जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर कई दिनों तक दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।

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परिजनों की मौजूदगी में कराई गई जबरन शादी का आरोप

प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि बाद में परिवार के लोगों ने दबाव बनाकर उसकी जबरन शादी करा दी। मौका मिलते ही युवती वहां से भाग निकली, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी उसके घर पहुंचकर मारपीट और धमकियां दी जाती रहीं।

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पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन नहीं हुई सुनवाई

युवती का कहना है कि उसने पहले पुलिस चौकी, फिर आईटीआई थाना और बाद में एसएसपी को भी शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से राहत न मिलने पर उसने न्यायालय की शरण ली।

कोर्ट बोली—प्रथम दृष्टया बनता है संज्ञेय अपराध

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध प्रतीत होता है। अदालत ने आईटीआई थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार विवेचना करने का आदेश दिया है।

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गिरफ्तारी से पहले सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन होगा

अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विवेचना के दौरान यदि गिरफ्तारी की आवश्यकता पड़े तो सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

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