ऋषिकेश: आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश में एक कथित धर्मगुरु द्वारा युवती के साथ नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी स्वामी राज विभु उर्फ राजीव रंजन (निवासी द्वारका, नई दिल्ली) ने खुद को दिव्य शक्तियों का स्वामी बताकर पीड़िता का शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
📱 सोशल मीडिया से बिछाया जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता और आरोपी का संपर्क इंटरनेट के माध्यम से हुआ था:
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वीडियो का प्रभाव: पीड़िता ने सोशल मीडिया पर राजीव रंजन के वीडियो देखे थे, जिसमें वह प्राणायाम के माध्यम से असाध्य रोगों को ठीक करने का दावा करता था।
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ऑनलाइन कोर्स: अपनी शारीरिक समस्याओं से राहत पाने के लिए पीड़िता ने उसका ऑनलाइन कोर्स जॉइन किया और काशी (वाराणसी) में उसके सत्संग में भी शामिल हुई।
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भरोसा: आरोपी के पहनावे और बातों से प्रभावित होकर युवती ने उससे अपनी व्यक्तिगत परेशानियां साझा कीं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपने विश्वास में ले लिया।
🏨 ऋषिकेश के होटल में नशीली दवा और वारदात
वारदात पिछले साल शुरू हुई और शादी के झूठे वादे तक जा पहुँची:
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नशीला पदार्थ: 4 मार्च को आरोपी युवती को कार से ऋषिकेश लाया और एक होटल में ठहराया। वहां ‘शरीर के दोष’ दूर करने की दवा के नाम पर उसे नशीला पदार्थ पिला दिया और बेहोशी की हालत में दुष्कर्म किया।
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पिछले जन्म का रिश्ता: जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने इसे ‘पिछले जन्मों का संबंध’ बताकर उसे गुमराह किया और शादी का प्रस्ताव रखा।
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फर्जी विवाह: 6 मार्च को ऋषिकेश के वीरभद्र स्थित एक मंदिर में आरोपी ने युवती की मांग भरकर उसे पत्नी स्वीकारने का नाटक किया और बार-बार उसका शोषण करता रहा।
🚓 एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर एसएसपी को इस मामले में शिकायती पत्र दिया, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया:
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गिरफ्तारी: ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने दिल्ली के द्वारका स्थित महालक्ष्मी अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा।
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वर्तमान स्थिति: आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
📢 सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा संदेश
यह घटना उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो इंटरनेट पर दिख रहे ‘कथित बाबाओं’ और ‘चमत्कारी इलाज’ के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं।
सुरक्षा हेतु सुझाव:
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ऑनलाइन गुरुओं से सावधानी: सोशल मीडिया पर किसी के अनुयायियों की संख्या देखकर उसकी असलियत का अंदाजा न लगाएं।
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एकांत में मिलने से बचें: किसी भी अपरिचित या कथित गुरु से सुनसान स्थानों या होटलों में अकेले मिलने न जाएं।
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चिकित्सीय सलाह: बीमारियों के इलाज के लिए हमेशा प्रमाणित डॉक्टरों और अस्पतालों पर ही भरोसा करें।
पुलिस अपील: यदि आपके साथ या आपके आसपास किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म या आस्था के नाम पर शोषण हो रहा है, तो तुरंत 112 पर सूचना दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
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