देहरादून | 18 फरवरी, 2026: इस वर्ष होली का पर्व ज्योतिषीय गणनाओं के कारण बेहद खास और थोड़ा पेचीदा हो गया है। तिथि, भद्रा और चंद्रग्रहण के दुर्लभ संयोग के चलते लंबे समय बाद ऐसा अवसर आया है जब होलिका दहन और रंगों की होली के बीच एक दिन का अंतराल रहेगा।
📅 तिथि और मुहूर्त का गणित
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और दहन का समय इस प्रकार है:
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पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च, शाम 5:56 बजे।
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पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च, शाम 5:08 बजे।
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होलिका दहन (मुख्य मुहूर्त): 2 मार्च, शाम 6:22 बजे से 8:53 बजे तक (प्रदोष काल)।
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वैकल्पिक दहन: 3 मार्च, तड़के 5:29 बजे से सूर्योदय पूर्व (भद्रा समाप्ति के बाद)।
🌑 चंद्रग्रहण और भद्रा का प्रभाव
इस बार दो बड़े कारणों से तिथि निर्धारण में सावधानी बरती जा रही है:
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भद्रा का साया: भद्रा 2 मार्च शाम 5:56 बजे से शुरू होकर 3 मार्च सुबह 5:28 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार भद्रा मुख में दहन वर्जित है, लेकिन आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार प्रदोष काल में भद्रा मुख न होने के कारण 2 मार्च की शाम को दहन किया जा सकता है।
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चंद्रग्रहण का संयोग: 3 मार्च को चंद्रग्रहण होने के कारण ग्रहण के नियम लागू होंगे। आचार्य पवन पाठक के अनुसार, यदि अगले दिन ग्रहण हो, तो भद्रा त्यागकर रात्रि के अंतिम पहर में दहन करना श्रेष्ठ होता है।
🎨 रंगोत्सव: 4 मार्च को मनेगी होली
आमतौर पर दहन के अगले दिन रंग खेला जाता है, लेकिन इस बार पंचांग के अनुसार गणना अलग है:
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3 मार्च: शाम तक पूर्णिमा तिथि और ग्रहण के प्रभाव के कारण इस दिन रंगों की होली नहीं खेली जाएगी।
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4 मार्च (मंगलवार): चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि में पूरे उत्साह के साथ रंगोत्सव मनाया जाएगा।
🪵 देहरादून में तैयारियां तेज
राजधानी देहरादून के बाजारों और मोहल्लों में होली की रौनक दिखने लगी है:
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प्रमुख क्षेत्र: सहारनपुर रोड, निरंजनपुर मंडी, माजरा, परम विहार और प्रिंस चौक पर बड़ी होलिकाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
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पूजन सामग्री: बाजारों में गोबर के कंडों (बड़कुल्लों), लकड़ियों और पूजा सामग्री की मांग बढ़ गई है। श्रद्धालु इस बार शुभ मुहूर्त को लेकर काफी जागरूक नजर आ रहे हैं।
📌 क्विक गाइड: होली कैलेंडर 2026
| कार्यक्रम | तिथि | समय / विवरण |
| होलिका दहन | 2 मार्च (सोमवार) | शाम 6:22 से 8:53 के बीच (शुभ) |
| चंद्रग्रहण/भद्रा | 3 मार्च (मंगलवार) | दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों का दिन |
| रंगोत्सव (धुलेंडी) | 4 मार्च (बुधवार) | रंगों और खुशियों का मुख्य पर्व |
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