हिमालय प्रहरी

खौफनाक वारदात: ऑनलाइन गेम और ‘कोरियन कल्चर’ के जुनून में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान

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गाजियाबाद (टीला मोड़): गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में मंगलवार देर रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ तीन सगी बहनों (उम्र 16, 14 और 12 वर्ष) ने अपने माता-पिता द्वारा मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने से नाराज होकर टावर बी-1 की 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी।

📉 घटनाक्रम: रात 2 बजे का वो खौफनाक मंजर

पुलिस जांच और चश्मदीदों के अनुसार घटना इस प्रकार हुई:

  • वक्त: रात करीब 2:15 बजे।

  • कदम: तीनों बहनों (निशिका, प्राची और पाखी) ने खुद को कमरे में बंद किया, बालकनी में स्टूल लगाया और एक-एक कर नीचे कूद गईं।

  • अस्पताल: मौके पर पहुँची पुलिस उन्हें लोनी के अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।


📝 8 पन्नों का सुसाइड नोट: “पापा, आई एम सॉरी”

पुलिस को मौके से एक पॉकेट डायरी मिली है, जो बच्चों की मानसिक स्थिति को बयां करती है:

  • गेम से लगाव: सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्हें गेम से बहुत प्यार है और वे इसके बिना नहीं रह सकतीं।

  • सॉरी पापा: नोट के अंत में पिता से माफी मांगते हुए “पापा आई एम सॉरी” लिखा गया है।

  • बॉस कल्चर: जांच में पता चला कि 14 वर्षीय प्राची गेम में ‘बॉस’ की भूमिका में थी और तीनों बहनें हर काम एक साथ ही करती थीं।


🇰🇷 कोरियन कल्चर और गेमिंग की लत

परिजनों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • स्कूल से दूरी: तीनों बहनें पिछले 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं और अपना सारा समय मोबाइल पर बिताती थीं।

  • कोरियन जुनून: बच्चियां कोरियन कल्चर (K-Culture/K-Pop) और ऑनलाइन गेमिंग से इस कदर प्रभावित थीं कि उन्होंने पिता से साफ कह दिया था— “कोरियन हमारी जिंदगी है, आप हमें इससे अलग करेंगे तो हम जान दे देंगे।”

  • पाबंदी का नतीजा: कुछ दिन पहले परिवार ने जब उनका मोबाइल छीन लिया, तो उन्होंने यह घातक कदम उठा लिया।


👮 पुलिस और प्रशासन का बयान

“प्रारंभिक जांच में सुसाइड नोट में कोरियन कल्चर और गेमिंग का जिक्र मिला है। यह भी पता चला है कि बच्चियां पढ़ाई में कमजोर होने के कारण घर पर ही रहती थीं। हम सभी पहलुओं, विशेषकर किसी ऑनलाइन टास्क या गेमिंग चैलेंज की जांच कर रहे हैं।”

अतुल कुमार सिंह, SSP (शालीमार गार्डन) एवं निमिश पाटिल, DCP (ट्रांस हिंडन)

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