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काशीपुर: जज के बेटे हिमांशु दिवाकर ने बिना कोचिंग हासिल की UPSC में सफलता; घर पर 14 घंटे पढ़ाई कर पाई 888वीं रैंक

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काशीपुर (8 मार्च 2026): काशीपुर निवासी हिमांशु दिवाकर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 888वीं रैंक हासिल कर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। उनके पिता रमेश सिंह दिवाकर वर्तमान में रुड़की में अपर जिला जज के पद पर तैनात हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर हिमांशु ने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया था।

तैयारी का मंत्र: डिजिटल माध्यम और कड़ा अनुशासन

हिमांशु की सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने किसी भी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया।

  • सेल्फ स्टडी: उन्होंने घर पर ही रहकर प्रतिदिन 13 से 14 घंटे कड़ा अभ्यास किया।

  • संसाधन: अपनी तैयारी के लिए उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों, मानक पुस्तकों और निरंतर मॉक टेस्ट (Mock Tests) का सहारा लिया।

  • दृढ़ निश्चय: यह उनका दूसरा प्रयास (Second Attempt) था और पहली बार ही इंटरव्यू में शामिल होकर उन्होंने सफलता का स्वाद चखा।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रेरणा

27 वर्षीय हिमांशु ने वर्ष 2020 में प्रतिष्ठित संस्थान NIT हमीरपुर से बीटेक (B.Tech) की डिग्री प्राप्त की थी। बीटेक के दौरान ही उन्होंने अपने पिता के न्यायिक करियर और समाज के प्रति उनकी सेवा को देखकर आईएएस (IAS) बनने का सपना बुना था।

न्यायिक जगत और क्षेत्र में हर्ष

हिमांशु के पिता के अपर जिला जज होने के कारण उत्तराखंड के न्यायिक अधिकारियों में विशेष उत्साह है। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिमांशु ने उन छात्रों के लिए मिसाल पेश की है जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जा पाते।

“मेहनत और लगन ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। यदि विद्यार्थी अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, तो वह किसी भी ऊंचाई को छू सकता है।”

हिमांशु दिवाकर, सफल अभ्यर्थी


सफलता का सफर: एक नज़र में (Snapshot)

विवरण जानकारी
नाम हिमांशु दिवाकर
UPSC रैंक 888वीं
शिक्षा बीटेक (NIT हमीरपुर, 2020)
कोचिंग कोई नहीं (पूर्णतः सेल्फ स्टडी)
प्रेरणा स्रोत पिता रमेश सिंह दिवाकर (अपर जिला जज, रुड़की)
प्रयास दूसरा प्रयास (प्रथम इंटरव्यू)

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