लालकुआं चरस तस्करी: बिंदुखत्ता के युवक को 12 साल कठोर कारावास और ₹1.20 लाख जुर्माना

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नैनीताल: प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) संजीव कुमार की कोर्ट ने एक किलो 108 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए बिंदुखत्ता निवासी एक युवक को एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी सजा सुनाई है।


🚨 सजा का विवरण

 

  • आरोपी: राजेंद्र बोरा पुत्र धन सिंह (निवासी गांधीनगर, बिंदुखत्ता)।

  • अपराध: 1 किलो 108 ग्राम चरस की तस्करी।

  • सजा: 12 वर्ष का कठोर कारावास

  • जुर्माना: ₹1 लाख 20 हजार

  • अतिरिक्त कारावास: जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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🗣️ कोर्ट की टिप्पणी

 

कोर्ट ने अपने निर्णय में अभियुक्त के अपराध को गंभीर और समाज विरोधी बताते हुए कहा कि:

“चरस को समाज विरोधी कार्यों में नवयुवकों को बेचकर उनको शारीरिक रूप से कमजोर कर देश एवं समाज विरोध में प्रयोग किया जाता है, अभियुक्त का यह अपराध गंभीर व समाज विरोधी है।”

🔎 घटना और कानूनी प्रक्रिया

 

  • गिरफ्तारी: 18 जनवरी 2018 को लालकुआं कोतवाली के एसआई राकेश कठायत ने गश्त के दौरान तिकोनियां चौराहा गांधीनगर, बिंदुखत्ता में राजेंद्र बोरा को सफेद प्लास्टिक की पन्नी लिए पकड़ा था। पुलिस को देखकर वह भागने लगा था।

  • जाँच: तलाशी लेने पर पन्नी में 1 किलो 108 ग्राम चरस मिली थी। एनडीपीएस में मुकदमा दर्ज कर आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

  • सबूत: सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूजा साह ने अपराध साबित करने के लिए छह गवाह और 17 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।

  • निर्णय: अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों के आकलन के बाद कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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