हिमालय प्रहरी

समाजसेवी शिवम द्विवेदी की अपील: सनातन परंपरा की मजबूती के लिए आंग्ल नव वर्ष का बहिष्कार करें

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हरदोई: जिले के युवा समाजसेवी और प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के संस्थापक/अध्यक्ष हिंदू हृदय सम्राट शिवम द्विवेदी ने सभी सनातन धर्म के अनुयायियों और भारतवासियों से आंग्ल नव वर्ष (1 जनवरी) न मनाने की अपील की है।

🚫 अपील के मुख्य बिंदु

  • सनातन परंपरा: शिवम द्विवेदी ने कहा कि भारत सनातन परंपरा का देश है और सनातन के अलावा कोई अन्य परंपरा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

  • दासता का प्रतीक: उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिलने के बाद भी उनकी परंपराओं और त्योहारों को मनाया जाना “बहुत ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण” है।

  • संस्कृति की मजबूती: उनका मानना है कि आक्रांताओं ने सनातन धर्म व संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचाया है। ऐसे में धर्म और संस्कृति की पुनः स्थापना और मजबूती के लिए पूरे देश के नागरिकों को आंग्ल नव वर्ष का बहिष्कार किया जाना चाहिए।

  • वास्तविक नव वर्ष: उन्होंने याद दिलाया कि वैदिक व्यवस्था के आधार पर हमारा नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा से शुरू होता है।

शिवम द्विवेदी ने समस्त देशवासियों से अपनी सनातन संस्कृति और परंपरा के प्रति जागरूक होने और उसे महत्व देने का आग्रह किया है।

क्या आप चैत्र प्रतिपदा (हिंदू नव वर्ष) की तिथि और इसके महत्व के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहेंगे?

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