बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर सैकड़ो ग्रामीणों सहित विपक्षी दलों के दिग्गजों का शहीद स्मारक स्थल, काररोड पर धरना प्रदर्शन

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लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने एवं गौला नदी में तटबंध निर्माण की मांग सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित विशाल धरना प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई विधायक एवं दिग्गजों ने जबरदस्त जनसभा करते हुए भाजपा पर विकास के काम पूरी तरह ठप्प करने और हरीश रावत सरकार द्वारा बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाने पर इसका भारी विरोध करने के गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ राशन नहीं रोजगार देने की जोरदार मांग की।

बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के तत्वधान में आयोजित धरना प्रदर्शन एवं जनसभा के दौरान कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और भाकपा माले के नेताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, उत्तराखंड सरकार में विपक्ष के उप नेता एवं खटीमा के विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि हरीश रावत सरकार के दौरान बिंदुखत्ता को नगर पालिका का दर्जा देकर यहां विकास के नए आयाम स्थापित करने का प्रयास किया गया था, परंतु भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसका भारी विरोध कर इस क्षेत्र के लोगों को नुकसान पहुंचाया है, साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार यहां के लोगों को राशन देने के बजाय उन्हें रोजगार मुहैया कराये तो पहाड़ के युवाओं को इसका लाभ पहुंचेगा। उन्होंने सरकार पर विकास के कार्य पूरी तरह ठप्प करते हुए जुमलेबाजी करने का आरोप लगाया।
इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल, बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह मेहता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, माले नेता इंद्रेश मेंखुरी, डॉ गणेश उपाध्याय, खजान चंद्र पांडे, कैलाश पांडे, कांग्रेसी नेता सतीश नैनवाल, हरेंद्र बोरा, राजेंद्र सिंह खनवाल, बीना जोशी, हरीश बिसौती सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
10 सूत्रीय मांगो में बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने, गौला नदी में तटबंध निर्माण, आवारा पशुओं पर रोक लगाने, बिंदुखत्ता में विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर लगाने, शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत मिनी स्टेडियम का शीघ्र निर्माण कराने, घोड़ानाले को भूमिगत करने एवं घोड़ानाला बिंदुखत्ता में ओवरहेड टैंक व नलकूप लगाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के अलावा बिंदुखत्ता के सभी हाथी कॉरिडोरों को निरस्त करने की मांगे शामिल है।