
अनुपम शर्मा ने कहा कि बजट में युवाओं के भविष्य के लिए कोई रास्ता नहीं दिखता। न रोजगार सृजन की ठोस योजना है और न ही शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कोई राहत। बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार जमीनी सच्चाई से मुंह मोड़कर केवल आंकड़ों का खेल खेल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत, बेकाबू महंगाई, पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम और सोने-चांदी की रिकॉर्ड कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही हैं, लेकिन बजट में महंगाई पर नियंत्रण का कोई ठोस उपाय नहीं है।
अनुपम शर्मा ने कहा कि यह बजट सरकार के खोखले दावों की पोल खोलता है। मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और किसानों को राहत की उम्मीद थी, मगर उनके हाथ सिर्फ़ निराशा लगी है। किसान आज भी लागत और कर्ज के बोझ तले दबा है, लेकिन उसकी आय बढ़ाने को लेकर बजट में कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट जनविरोधी, युवा-विरोधी और गरीब-विरोधी है। कांग्रेस पार्टी इस बजट का पुरजोर विरोध करती है और सड़कों से लेकर संसद तक आम जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।
अनुपम शर्मा ने कहा कि देश को ऐसे बजट की जरूरत थी जो रोजगार दे, महंगाई से राहत दे और अर्थव्यवस्था को मजबूत करे, लेकिन यह बजट सरकार की विफलताओं को छुपाने का दस्तावेज बनकर रह गया है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें