हिमालय प्रहरी

दामाद ने घर जमाई बनने से किया इंकार तो ससुराल वालो ने घेरकर पीटा, थाने में भी करा दी रिपोर्ट

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घर का जमाई नहीं बनना और ससुराल वालों को दो लाख रूपये नहीं देना एक दामाद को ख़ासा महंगा पड़ गया। ससुरालियों ने ना सिर्फ दामाद की घेरकर पिटाई की बल्कि उसे गाड़ी में बिठाकर थाने भी ले गए। थाने में उन्होंने उलटे दामाद पर अपनी पत्नी से मारपीट करने का आरोप लगा दिया। हालाँकि पुलिस ने मेडिकल मुलाहिजा के बाद दामाद का बयान दर्ज कराया और फिर केस फ़ाइल किया। इस मारपीट में दामाद को गंभीर चोटे पहुंची हैं।

जानकारी के मुताबिक रतनगढ़ पुलिस के अनुसार पीड़ित रामनिवास जाट (40) खोथड़ी गांव का रहने वाला है। रामनिवास ने पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह सीआरपीएफ में नौकरी करता है। उसके भतीजे की छह फरवरी को शादी है। इसलिए वह गांव छुट्‌टी पर आया हुआ है। 2 फरवरी को शादी के सिलसिले में वह फतेहपुर गया हुआ था। रात को जब वह घर लौटा तो उसकी पत्नी अमिता ने कहा कि उसके पिता को एक लाख रुपये की जरुरत है।

इस पर रामनिवास ने रुपये देने से मना कर दिया. उसने पत्नी से कहा कि पहले भी पांच-सात लाख रुपये दिए हुए हैं वो आज तक वापिस नहीं लौटाए। रामनिवास ने बताया कि उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग चाहते हैं कि वह घर जंवाई बन जाए। अपना घर व खेत बेचकर ससुराल में रहने के लिए आ जाए। इस बात को लेकर पत्नी आए दिन झगड़ा और मारपीट भी करती है।

उसके बाद उसकी पत्नी ने रुपये देने से मना करने की बात अपने पिता सहीराम को बताई। इस पर रामनिवास का ससुर सहीराम और उसके दो साढू बाबूलाल तथा चैनाराम उसके घर दीवार फांदकर आ गए। उनके हाथों में लाठियां थी। वे घर का दरवाजा पीटने लगे। रामनिवास के अनुसार जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो उन लोगों ने उसे तोड़ दिया। बाद में उसके साथ जमकर मारपीट की।

रामनिवास जब जान बचाकर कमरे से बाहर भागा तो रिश्ते का भाई राजकुमार जाट बीचबचाव करने के लिए आया। लेकिन रामनिवास के ससुराल वालों ने उसे धमकाकर भगा दिया। उसके बाद उन लोगों ने रामनिवास को हाथ-पैर बांधकर उसे कार की डिक्की में डाल दिया। डिक्की में डालकर फिर मारपीट की। बाद में उसे रतनगढ़ पुलिस थाना ले गए। वहां बताया कि उसने अपनी पत्नी अमिता के साथ मारपीट की है। इसलिए उसे पकड़कर थाने लाए हैं।

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