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मुर्दाघर से ‘जिंदा’ लौट आया युवक; डॉक्टरों ने बिना जांच किए घोषित किया था मृत, चीर-फाड़ से पहले मची खलबली

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गुना (19 मार्च 2026): हुजमील क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय जॉन पार्टी के साथ हुई इस घटना ने मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। डॉक्टरों की एक छोटी सी चूक जॉन के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी, यदि उसे सही समय पर होश न आता।

1. घटना की पृष्ठभूमि: जहर और जल्दबाजी

  • तनावपूर्ण स्थिति: जॉन पार्टी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। 11 मार्च को उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया।

  • लापरवाही की पराकाष्ठा: अस्पताल के डॉक्टरों ने जॉन की नब्ज और धड़कन की गहराई से जांच किए बिना ही उसे ‘मृत’ घोषित कर दिया। औपचारिकताएं पूरी कर उसे पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भेज दिया गया।

2. मुर्दाघर में ‘चमत्कार’ और अफरा-तफरी

असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब जॉन को पोस्टमार्टम टेबल पर लेटाया गया:

  • शरीर में हरकत: जैसे ही डॉक्टर और स्टाफ प्रक्रिया शुरू करने वाले थे, जॉन के शरीर में हलचल हुई। जहर के असर से बाहर आते ही उसे होश आ गया।

  • नग्न अवस्था में भाग खड़ा हुआ: होश आते ही जॉन बुरी तरह घबरा गया। अपनी जान बचाने के लिए वह नग्न अवस्था में ही मुर्दाघर से बाहर अस्पताल परिसर की ओर भागने लगा।

  • दहशत का माहौल: एक ‘मुर्दे’ को जिंदा भागते देख मरीज, तीमारदार और नर्सों के बीच चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे थे तो कुछ डर के मारे भागने लगे।

3. पीड़ित का खौफनाक बयान

होश में आने के बाद जॉन ने जो कहा, वह सिस्टम के मुंह पर तमाचा है:

“अगर मुझे थोड़ी देर और होश नहीं आता, तो डॉक्टर मुझे जिंदा ही चीर देते। मैं चिल्लाता रह जाता और मेरी बात सुनने वाला कोई नहीं होता।”

4. प्रशासन की चुप्पी और जनता का आक्रोश

  • जांच की मांग: इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जॉन के परिजनों में भारी गुस्सा है। सवाल यह है कि बिना ‘ईसीजी’ (ECG) या अन्य पुख्ता जांच के किसी को मृत कैसे घोषित किया जा सकता है?

  • अस्पताल का पक्ष: फिलहाल अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संदेह और गहरा गया है।


Snapshot: गुना अस्पताल लापरवाही मामला

विवरण जानकारी
पीड़ित का नाम जॉन पार्टी (20 वर्ष)
निवासी हुजमील क्षेत्र, गुना
अस्पताल जिला अस्पताल, गुना
चूक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजना
वर्तमान स्थिति युवक सुरक्षित, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश

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