हिमालय प्रहरी

रोंगटे खड़े कर देगा शव के साथ किया गया यह कारनामा

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इसे हम अंधविश्वास की पराकाष्ठा कहें या मृतक के प्रति प्रेम। पर जो भी हो लेकिन आज का समाज इसे एक समान्य घटना के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता। हम सभी जानते हैं कि बेजान शरीर की कोई कीमत नहीं वह शरीर पूर्ववत नहीं हो सकता। अंततः पंचतत्व में विलिन हो ही जाना पड़ता है। पर यह घटना किसी की भी रोंगटे खड़ी कर सकती है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं ओड़िसा के बरगड़ जिले में घटित एक घटना के बारे में जहां परिवार ने अपने गृहस्वामी के मृत शरीर को दस दिनों तक इस उम्मीद से घर में रखा कि शायद व दुबारा जिंदा हो जाय। पर जो नहीं होना था वह नहीं हुआ और भयंकर दुर्गंध से आसपास के लोगों को इस बारे में जानकारी मिल गयी।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि बरग़ड़ जिले के बरतोल पंचायत अंतर्गत डांग चौक निवासी महेंद्र बाग नामक एक बुजुर्ग की मौत दस दिन पहले ही हो गयी थी। परिवार में दो बेटी व एक पत्नी है। घर को चलाने वाला एकमात्र महेंद्र बाग ही थे लिहाजा परिवार उनकी मौत को स्वीकार नहीं कर पाया। यही वजह है कि परिवार ने उनकी मृत्यु की बात लोगों से छिपकार रखा साथ ही षव को घर के एक कोने में छुपाकर रखा। इस उम्मीद से छुपाये रखा कि षायद कुछ दिन में वे वापस जीवित हो उठे।

बहरहाल यह एक आश्चर्यजनक घटना है साथ ही साथ चर्चा का विषय भी। मामला तब सामने आया जब आसपास में दुर्गंघ फैलने लगा। मामले की जानकारी टाउन थाना को दी गयी तब यह घटना सबके समाने आयी। अब यह कह पाना मुश्किल है कि यह अंधविश्वास था या फिर परिवार का अपने गृहस्वमी के प्रति अटूट प्रेम।

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