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उत्तराखंड अपडेट: बर्फबारी के बाद दुश्वारियां बरकरार, कल भारी ओलावृष्टि और अंधड़ का ‘ऑरेंज अलर्ट’

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देहरादून/मुनस्यारी: शुक्रवार की भारी बर्फबारी के दो दिन बाद भी उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। हालांकि, मुनस्यारी के लिए राहत की खबर है, लेकिन बदरीनाथ और नीति घाटी जैसे क्षेत्रों में अब भी सड़कें और बिजली आपूर्ति बाधित है।

🟠 कल के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (27 जनवरी, मंगलवार)

मौसम विज्ञान केंद्र ने एक ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है:

  • मैदानी व तराई क्षेत्र: देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, चंपावत और उधमसिंह नगर में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से अंधड़, बिजली चमकने और भारी ओलावृष्टि की आशंका है।

  • पर्वतीय क्षेत्र: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ सहित अन्य जिलों में 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।


🛣️ रास्तों और सुविधाओं की स्थिति: कहां राहत, कहां आफत?

क्षेत्र / मार्ग वर्तमान स्थिति प्रभाव
थल-मुनस्यारी मार्ग बहाल 3 दिन बाद यातायात खुला, बिजली और संचार सेवा लौटी।
बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हनुमानचट्टी से माणा तक सड़क बंद है।
नीति हाईवे अवरुद्ध मलारी से आगे मार्ग बंद, नीति क्षेत्र में बिजली ठप है।
चोपता मार्ग अवरुद्ध कांचुला खर्क से आगे रास्ता बंद होने से पर्यटक फंसे।
ग्रामीण इलाके अति प्रभावित प्रदेश के 100 से अधिक गांव अब भी बर्फ से ढके और कटे हुए हैं।

🏔️ हिल स्टेशनों पर ‘टूरिज्म’ का दबाव और जाम

बर्फबारी का आनंद लेने के लिए मसूरी, धनोल्टी और चकराता में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है।

  • ट्रैफिक जाम: बर्फ जमी होने के कारण सड़कें फिसलन भरी हैं, जिससे कई मार्गों पर मीलों लंबा जाम लग रहा है।

  • प्रशासन की अपील: पुलिस ने पर्यटकों से फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की अपील की है।

🌾 चमोली: फसलों के लिए ‘वरदान’ बनी बर्फबारी

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में कड़ाके की ठंड के बीच हो रही बर्फबारी को स्थानीय किसान और बागवान फसलों के लिए बेहतर मान रहे हैं। निचले इलाकों में हुई हल्की बारिश ने खेती के लिए नमी प्रदान की है।


🚨 प्रशासन की तैयारी

जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विशेष रूप से कल होने वाली संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए काश्तकारों को अपनी फसलों और मवेशियों के बचाव के निर्देश दिए गए हैं।

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