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उत्तराखंड वेदर अलर्ट: भारी बर्फबारी और 50km/h की रफ्तार से अंधड़ का खतरा, 31 जनवरी तक बदला रहेगा मिजाज

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देहरादून: उत्तराखंड में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और हिमपात की चेतावनी जारी की है।

⚠️ 27 और 28 जनवरी: ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट

मैदानी और कम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में ‘ओले’ गिरने और तेज हवाओं का संकट बना हुआ है:

  • ओलावृष्टि की संभावना: देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

  • तेज हवाएं: विशेषकर 28 जनवरी को नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने का येलो अलर्ट है।


❄️ बर्फबारी के लिए चिन्हित जिले

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है:

  1. प्रमुख जिले: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़।

  2. ऊंचाई का मानक: 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ बिजली कड़कने का अनुमान है।


🗓️ 31 जनवरी तक का ‘वेदर कैलेंडर’

मौसम विभाग के अनुसार, यह विक्षोभ महीने के अंत तक अपना प्रभाव दिखाएगा:

  • 29 और 30 जनवरी: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी।

  • 31 जनवरी: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है।


🏗️ सरकार और प्रशासन की तैयारी

खराब मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं:

  • रास्ते की सफाई: भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मार्ग खोलने के लिए जेसीबी और स्नो कटर मशीनों को तैनात कर दिया गया है।

  • बिजली आपूर्ति: बर्फबारी के कारण बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को पावर बैकअप रखने की सलाह दी गई है।

  • पर्यटक सुरक्षा: पर्यटकों से अपील की गई है कि वे पाले (Ice) वाले फिसलन भरे रास्तों पर वाहन न चलाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही प्रवास करें।

📋 बचाव के मुख्य उपाय

  • ओलावृष्टि के दौरान मवेशियों और वाहनों को सुरक्षित शेड के नीचे रखें।

  • बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या ऊंचे खंभों के पास न खड़े हों।

  • पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जिला कंट्रोल रूम से जरूर लें।

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