उत्तराखंड में फरवरी के पहले ही दिन मौसम ने अपना मिजाज पूरी तरह बदल लिया है। जैसा कि पूर्वानुमान था, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होते ही प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है।
यहाँ राज्य के विभिन्न हिस्सों से ताजा मौसम अपडेट दिया गया है:
रविवार सुबह से ही राज्य के अधिकांश जिलों में बादलों ने डेरा डाल रखा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कड़ाके की ठंड लौट आई है।
📍 क्षेत्रीय अपडेट: कहाँ क्या स्थिति है?
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | प्रभाव / तापमान |
| कोटद्वार | मध्य रात्रि से रुक-रुक कर बारिश जारी। | बर्ड फेस्टिवल की सुबह की सफारी रद्द, पर्यटक मायूस। |
| मुनस्यारी | बूंदाबांदी शुरू, घने बादल छाए हैं। | तापमान 5°C तक गिरा। |
| नैनीताल | घने बादल और सर्द हवाएं। | विभाग ने मंगलवार को बर्फबारी की संभावना जताई है। |
| अल्मोड़ा | आसमान में घनघोर बादल। | न्यूनतम तापमान 3°C दर्ज। |
| ऋषिकेश | तड़के सुबह 4 बजे हल्की बूंदाबांदी। | ग्रामीण क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ी। |
| चंपावत | धुंध और आंशिक बादल। | लोहाघाट और देवीधुरा में शीतलहर का प्रकोप। |
🔮 मौसम विभाग का पूर्वानुमान (डॉ. सीएस तोमर, निदेशक)
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है, लेकिन इसका असर अलग-अलग दिनों में दिखेगा:
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आज (रविवार): उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश व हिमपात की संभावना अधिक है।
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मंगलवार: नैनीताल, देहरादून और चंपावत में यह विक्षोभ अधिक प्रभावी होगा।
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बर्फबारी: 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात की प्रबल संभावना है।
⚠️ जलवायु परिवर्तन की चिंता
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के वरिष्ठ विज्ञानी डा. नरेंद्र सिंह के अनुसार, उत्तराखंड में कमजोर पड़ते पश्चिमी विक्षोभ जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत हैं। पर्याप्त बर्फबारी न होना और मौसम का अनिश्चित व्यवहार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंताजनक है।
📉 नैनीताल का तापमान रिकॉर्ड
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अधिकतम: 19°C
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न्यूनतम: 08°C
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आर्द्रता: अधिकतम 80%
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