हिमालय प्रहरी

उत्तराखंड में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज: 5 पर्वतीय जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ का ‘ऑरेंज अलर्ट’; प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश

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देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी तपिश और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सूबे में आज से मौसम करवट बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज अंधड़, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। पर्वतीय इलाकों में होने वाली इस हलचल का असर मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा, जहां धूल भरी तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मैदानी इलाकों में लू का प्रकोप, आज से 5 जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगा अंधड़

पिछले एक सप्ताह से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और चटकीली धूप के कारण मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है। दोपहर के समय चल रहे गर्म हवा के थपेड़ों (लू) ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार से इस स्थिति में बड़ा बदलाव आने वाला है। विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की तीव्र संभावना है। इस दौरान पहाड़ों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने के आसार हैं, जो कुछ संवेदनशील स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार को भी छू सकते हैं।

शुक्रवार को देहरादून सहित कई जनपदों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम का यह बदला हुआ मिजाज केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शुक्रवार को इसका दायरा और अधिक बढ़ने की संभावना है।

  • अंधड़ और ओले का अलर्ट: शुक्रवार को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

  • भारी वर्षा की आशंका: विशेष रूप से राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय, संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर

मौसम विभाग के इस गंभीर पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOOC) पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और जिला प्रशासनों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं।

प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के भूस्खलन संभावित और संवेदनशील इलाकों पर लगातार पैनी नजर बनाए रखें। साथ ही, लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) जैसे आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विभागों को चौबीसों घंटे ‘अलर्ट मोड’ पर रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक मार्ग अवरुद्ध होने या आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। सीमांत क्षेत्रों की यात्रा पर निकल रहे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी मौसम की अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की अपील की गई है।

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