हिमालय प्रहरी

उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: बुधवार रात झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम; देहरादून समेत 8 जिलों में आंधी-तूफान का ‘ऑरेंज अलर्ट’, बिजली गुल

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देहरादून, 11 जून 2026: उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। बुधवार की देर रात राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और झमाझम बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। इस अचानक हुए बदलाव से पूरे प्रदेश में मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, तेज अंधड़ के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली के खंबे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे रात भर विद्युत आपूर्ति पूरी तरह गुल रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज गुरुवार से राज्य में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पूरी तरह सक्रिय हो रहा है, जिसका असर शुक्रवार तक दिखाई देगा।

मैदानी इलाकों को भीषण उमस से मिली राहत; 4 डिग्री तक गिरेगा पारा

पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया था। देहरादून समेत आसपास के मैदानी इलाकों में दिनभर तेज धूप के कारण भारी तपिश बनी हुई थी और लोग रात के समय भी चलने वाली गर्म हवाओं (लू) से बेहाल थे।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले दो से तीन दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी विधिक गिरावट आएगी। इसके बाद मौसम स्थिर हो जाएगा, जिससे मैदानों में रह रहे लोगों को चिलचिलाती गर्मी और उमस भरे वातावरण से लंबी राहत मिलेगी।

देहरादून समेत 8 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’; 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विज्ञान केंद्र ने आज गुरुवार के लिए राज्य के आठ प्रमुख जनपदों में मौसम के अत्यधिक संवेदनशील रहने की चेतावनी जारी करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है।

  • इन जिलों में खतरा अधिक: मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

  • अति तीव्र बारिश और अंधड़: इन विधिक क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, भारी ओलावृष्टि होने तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से झोंकेदार हवाएं (अंधड़) चलने की आशंका है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज से अति तीव्र बारिश के दौर भी पड़ सकते हैं।

4200 मीटर से ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी की संभावना; कल भी ऐसा ही रहेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से मैदानी और कम ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। वहीं, राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और अल्मोड़ा समेत अन्य पर्वतीय जिलों में भी अनेक स्थानों पर गर्जन के साथ विधिक वर्षा होने के आसार हैं।

इसके अतिरिक्त, हिमालय की 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले चोटियों पर ताजा बर्फबारी होने की भी प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्रवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी प्रकार आक्रामक बना रह सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासनों ने चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर यात्रा कर रहे पर्यटकों को मौसम की विधिक स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

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