
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार जारी है और मौसम विज्ञान केंद्र ने आज प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, पिछले दो दिनों की अपेक्षा आज बारिश की तीव्रता में कुछ कमी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार आज देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ अत्यंत तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जबकि हरिद्वार में भी तेज बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है; देहरादून में अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 26.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।
बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। देहरादून के चकराता और कालसी क्षेत्र सहित जिले की 11 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक राज्य मार्ग और 8 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग सहित प्रदेश की कई अन्य सड़कें भी बाधित हैं। उत्तरकाशी में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन के कारण वाशआउट (बह) हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। उधर, पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख मार्ग भी अवरुद्ध है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में यमुना नदी उफान पर है, जिससे वहां झील बनने की आशंका गहरा गई है। नदी का पानी होटलों, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और बरसाती नालों के उफान पर आने की चेतावनी देते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। शासन द्वारा संबंधित जिलों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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